शनि मंदिर के पास सोमवार सुबह ट्रेन के आगे कूदकर एक पॉलीटेक्निक के छात्र ने जान दे दी। आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया। जहांगीराबाद कोतवाली क्षेत्र के किशनपुर गांव निवासी धर्मेंद्र (18) पुत्र विनोद बुलंदशहर के शनिदेव मंदिर के पास पॉलीटेक्निक कॉलेज में द्वितीय वर्ष का छात्र था।
रविवार सुबह धर्मेंद्र औरंगाबाद क्षेत्र के गांव मूढ़ी बकापुर स्थित अपनी बुआ के घर गया था। सोमवार सुबह वह कॉलेज जाने की बात कहकर बुलंदशहर आया था, जहां वह शनिदेव मंदिर के पास से गुजर रही रेलवे ट्रैक के पास खड़ा हो गया। फिर उसने एक परिचित को फोन मिलाकर आत्मघाती कदम की बात बताई।
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि इसी बीच खुर्जा की ओर से पैसेंजर ट्रेन आ रही थी। धमेंद्र फोन पर बात करते हुए ट्रेन के आगे छलांग लगा दी, जिससे धर्मेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया, जहां से परिजन बिना पोस्टमार्टम के शव लेकर चले गए।
धर्मेंद्र के पिता ने पुलिस को बताया कि धर्मेंद्र तीन भाई और एक बहन थे। वह सभी बहन-भाइयों में बड़ा था। उन्होंने बताया कि धर्मेंद्र पढ़ाई में होशियार था। नगर कोतवाल आरके सिंह ने बताया कि परिजन पोस्टमार्टम कराए बिना ही शव को ले गए।