चचरई कांड में दो समुदायों के बीच हुए झगड़े के मामले में जहांगीराबाद पुलिस की लापरवाही सामने आ रही है। मामले के तूल पकड़ने के बावजूद पुलिस कार्रवाई से ज्यादा समझौते के प्रयास में जुटी थी। पीड़ित की तहरीर पर भी जहांगीराबाद पुलिस ने एनसीआर दर्ज कर मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया।
उच्च अफसरों को भी मामले से तब अवगत कराया गया, जब वह तूल पकड़ चुका था। जैसे-तैसे दोनों पक्षों में समझौता कराके मामले का दबाने का प्रयास किया गया। जहांगीराबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव चचरई में होली के अगले दिन दो समुदाय के लोगों में मारपीट हो गई थी।
चचरई निवासी ननुआ पुत्र अजमेरी ने कोतवाली में तहरीर दी कि 14 मार्च को शाम 6.30 बजे गांव निवासी पिंटू, बिरजू, इंदू और देवेंद्र ने धार्मिक स्थल के सामने गाली-गलौच करते हुए मारपीट की और जान से मारने की धमकी देकर चले गए। सूत्रों का दावा है कि कोतवाली पुलिस पहले तो मामले को दबाती रही।
उच्च अफसरों को भी घटना से समय पर अवगत नहीं कराया गया। जब मामले ने तूल पकड़ा तो कोतवाली पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। मामले के तूल पकड़ने पर उच्चाधिकारियों को सूचित किया गया। इसके बाद उच्चाधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गांव में पीएसी भेजी।
कोतवाली पुलिस की लापरवाही की हद तब हो गई, जब इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद एनसीआर दर्ज कर रफा-दफा करने का प्रयास किया गया।
गांव में अब पूरी तरह शांति है। मामला कैसे तूल पकड़ा और घटना के कितनी देर बाद कोतवाली पुलिस सक्रिय हुई। इसकी जांच कराई जाएगी।
जगदीश प्रसाद शर्मा, एसपी देहात
22 लोगों के खिलाफ शांतिभंग की आशंका को देखते हुए मुचलका पाबंद किया गया है। मामले में एनसीआर दर्ज की गई थी। दोनों पक्षों में समझौता हो गया है। श्यामवीर सिंह, प्रभारी, कोतवाली
24 लोगों के खिलाफ की निरोधात्मक कार्रवाईं
कोतवाली क्षेत्र के गंाव चचरई मे एक धार्मिक स्थल पर पार्टी विशेष का झंडा लगाने की कोशिश के मामले में दोनो पक्षों के 12-12 लोगो के विरूद्व निरोधात्मक कार्रवाई की गई है। कोतवाल श्यामवीर सिंह ने बताया कि जिन लोगो के विरूद्व यह कार्रवाई की गई है
उनके नाम पिंटू, विजेंद्र,कालू,अनिल, प्रवीन, सुमित, सुम्मो, भिन्नू, देवेंद्र, इंद्र व दूसरे पक्ष के मासूम, नूरा, सन्नू, कलुवा, रहीम, ननुआ, शमशाद, आरिफ, इश्तियाक, हामिद, गफफार व अकबर है।