हत्या के खुलासे की जल्दबाजी ने कप्तान की ही फजीहत करा दी। एसएसपी के समक्ष हुई प्रेस कांफ्रेंस में खुर्जा पुलिस ने आधी-अधूरी जानकारी के साथ केस खोल दिया।
प्रेस कांफ्रेंस के बाद जब दोनों आरोपी आपस में भिड़े तो आपस के राज उजागर करने लगे। कुछ अहम राज खुलते ही अफसर सतर्क हुए और आरोपियों को फिर रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई। इसके बाद पूरी कहानी ही बदल गई। पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मामला बदला।
बुधवार को एसएसपी वैभवकृष्ण और एसपी देहात पंकज कुमार पांडेय की मौजूदगी में खुर्जा पुलिस ने 11 दिसंबर 2015 से गायब चल रहे रिटायर्ड फौजी सुखपाल की हत्या के राज से पर्दा उठाया था।
आधी-अधूरी जानकारी के साथ पहुंची खुर्जा पुलिस के बताए अनुसार कप्तान ने बताया कि सुखपाल की हत्या जमीनी विवाद में आशू ने अपने साथियों के साथ
मिल कर की थी। आशू के पिता ऋषिपाल का जमीन की खरीद-फरोख्त को लेकर सुखपाल से विवाद चल रहा था।
प्रेस कांफ्रेंस के बाद जिला पुलिस की तरफ से प्रेस विज्ञप्ति भी जारी कर दी गई। प्रेस कांफ्रेंस के बाद पुलिस हिरासत में लिए गए आशू और पुष्पेंद्र आपस में भिड़ गए। इसके बाद दोनों और राजफाश करने लगे। दोनों के राजफाश करते ही कप्तान समेत अन्य अफसर सतर्क हो गए।
दोनों को आनन-फानन में रिमांड पर लिया गया। इसके बाद जो कहानी निकल कर आई, उसने पूरी तस्वीर ही बदल दी। आनन-फानन में पुलिस के आला अधिकारियों ने नया खुलासा कर दिया। एसपी देहात की तरफ से बताया गया कि हत्या का मुख्य आरोपी कोई और नहीं, बल्कि मृतक का बेटा है। हत्या की मुख्य वजह जमीनी विवाद के साथ-साथ बेटे की पत्नी से छेड़छाड़ भी है।