खतरों के हाईवे (दिल्ली-कानुपर) पर मां-बेटी के साथ हैवानियत के बाद भी खाकी का सिक्योरिटी सिस्टम हवा-हवाई निकला। बुधवार रात अमर उजाला की पड़ताल में एनएच-91 के हाई रिस्क एरिया वीरान दिखे।
एनएच पर दोस्तपुर अंडरपास की दोनों साइड्स बने लिंक रोड्स और हाईवे के हाई रिस्क इलाकों में खाकी का पहरा नहीं दिखाई पड़ा। जिस स्थान पर हैवानियत हुई उस संवेदनशील क्षेत्र के आसपास पुलिस रात में नहीं दिखाई दी। पुलिस सुरक्षा पर सवाल खड़ा करती अमर उजाला की लाइव रिपोर्ट...
रात 08:30 - दोस्तपुर अंडरपास
अमर उजाला की टीम दोस्तपुर के पास अंडरपास पर पहुंची। यहां सुनसान इलाके में पुलिस नहीं थी। इक्का-दुक्का लोग लिंक रोड पर जरूरत जाते मिले। पूछने पर बताया कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी पुलिस संजीदा नहीं है। बता दें कि अंडरपास बेहद संवेदनशील है।
रात 08:40 - गैंगरेप स्थल
यहां भी पुलिस नहीं दिखाई दी। जिस कच्चे रास्ते पर गैंगरेप की वारदात हुई वह हाई रिस्क क्षेत्र में आता है। इसके बावजूद पुलिस का पहरा नहीं दिखाई दिया। पूरा इलाका सुनसान पड़ा था। गौरतलब है कि यहां अक्सर छेड़छाड़, मारपीट और छीना-झपटी की वारदात होती रहती हैं।
08:50 - अड़ौली चौराहा
हाइवे के पास ही स्थित अड़ौली चौराहे पर भी पुलिस नहीं थी। यहां भी अनहोनी होती रही हैं। जानते हुए भी पुलिस अंजान बनी है। काफी देर खड़े रहने के बाद भी पुलिस नजर नहीं आई। वह भी तब जब डीजीपी ने रात में हाईवे पर गुजरने वाले वाहनों की चेकिंग के आदेश दिए हुए हैं।