पावर कारपोरेशन के खुर्जा खंड में हुए पेंशन फर्जीवाड़े की गूंज अब पीएमओ तक पहुंच गई है। पेंशन रोके जाने और रिकवरी करने के खिलाफ पेंशनरों ने प्रधानमंत्री से शिकायत की है। पेंशनरों ने अफसरों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए दस्तावेजों में हेराफेरी का आरोप लगाया है।
पावर कारपोरेशपन के खुर्जा खंड में 37 पेंशनर्स को करीब 99 लाख रुपये की पेंशन अतिरिक्त जारी कर दी गई। जब मामला खुला तो अफसरों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में इन पेंशनर्स को नोटिस जारी कर रिकवरी की कोशिश की गई।
11 पेंशनर्स से तो रिकवरी कर ली गई, लेकिन 26 पेंशनर्स से रिकवरी नहीं हो सकी। मामला तूल पकड़ने लगा तो अफसरों ने इन पेंशनर्स की पेंशन रोक दी । साथ ही रिकवरी के लिए नोटिस जारी कर दिए गए।
रिकवरी के नोटिस जारी होते ही और पेंशन रोकने के खिलाफ पेंशनर्स ने एमडी, चीफ, एसई समेत तमाम अफसर शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब पेंशनर्स ने अफसरों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री से पूरे मामले की शिकायत की है।
शिकायत करने वालों में विमला देवी, राजेश्वरी देवी, रामेश्वरी देवी, राजेन्द्र देवी, गायत्री देवी, बानो बेगम, ओमवती देवी, कमलेश देवी, तारादेवी, प्रेमलता आदि रहे।