नोटबंदी के कारण निर्माण में आई अड़चन को देखते हुए शासन ने नमामि गंगे योजना के चलते शौचालय निर्माण का समय बढ़ा दिया है। अब पंचायत राज विभाग को 31 जनवरी तक शेष 2443 शौचालयों का निर्माण कराना होगा।
नमामि गंगे के तहत गंगा किनारे बसे 30 गांवों में 10790 शौचालयों का निर्माण होना था। इनमें से 31 दिसंबर तक 8347 शौचालयों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। लक्ष्य को 30 दिसंबर तक पूरा करना था मगर नोटबंदी के बाद आई अड़चन को देखते हुए लक्ष्य के समय को बढ़ा दिया गया है।
अब 31 जनवरी तक शौचालयों का निर्माण पूरा करना होगा। 31 दिसंबर तक यदि निर्माण पूरा नहीं कराया गया तो डीएम एक्शन मोड में दिखाई देंगे। डीएम ने कहा कि सफाई और खुले में शौच से मुक्ति उनकी प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
31 जनवरी तक निर्माण पूरा नहीं कराया गया तो जिम्मेदार अफसर और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। डीपीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि काम तेजी के साथ चल रहा है।
41 गांव हो चुके खुले में शौच से मुक्त
जिले के 41 गांवों को खुले में शौच से मुक्ति मिल गई है। इनमें गंगा किनारे बसे 11 गांव भी शामिल हैं।गंगा किनारे बसे गांव मुबारिकपुर बांगर, रूट बांगर, फतहपुर बांगर, चांसी, फरीदपुर बांगर, औरंगाबाद ताहर, भेड़िया हरिद्वारपुर, राजघाट, रामघाट, निवाड़ी खादर, निवाड़ी बांगर अब खुले में शौच से मुक्त हो गए हैं।
इनमें से छह गांवों का निरीक्षण कमिश्नर की टीम ने किया था जिन पर खुले में शौच से मुक्ति की मुहर लगा दी गई है। डीपीआरओ राजेश कुमार का कहना है कि 41 गांवों में शत-प्रतिशत शौचालय बनवा दिए गए हैं। शासन को पांच करोड़ रुपये की डिमांड भेजी गई। इस रकम से जहां काम अधूरा है वह पूरा कराया जाएगा।