गैर इरादतन हत्या के मामले में कोर्ट ने एक आरोपी को दोषी मानते हुए सात साल की सजा सुनाई है। साथ ही 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जबकि दूसरे आरोपी के केस को अनूपशहर कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया है। यह निर्णय अपर सत्र न्यायाधीश पंचम सुनील कुमार वर्मा के न्यायालय ने दिया।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी प्रताप सिंह अंबा ने बताया कि डिबाई कोतवाली क्षेत्र के गांव कुमरऊआ निवासी शौकेंद्र कुमार पुत्र अमर सिंह ने एफआईआर दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि भाई धर्मपाल के 25 हजार रुपये गांव घुसराना निवासी राकेश पुत्र सामंत, मोटा उर्फ महीपाल पर उधार थे।
इसी वजह से ये लोग भाई धर्मपाल से दुश्मनी मानते थे। गांव घुसराना गैल के बंबे की पुलिया पर पहुंचा तो भाई धर्मपाल गांव के नौरंगी लाल की दुकान पर बैठा था। आरोपी धर्मपाल को गंभीर रूप से घायल कर भाग गए। उपचार के दौरान धर्मपाल की मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना के बाद राकेश के खिलाफ चार्जशीट पेश कर दी।
महिपाल के खिलाफ बाद में सबूत आने पर न्यायाधीश ने उसके केस को अनूपशहर कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया है। न्यायाधीश ने राकेश को दोषी मानते हुए सात साल की सजा सुनाई। साथ ही 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।