क्षेत्र के करौरा गांव में बुखार ने इस बार फिर पैर पसार दिए हैं। पिछले वर्ष गांव में दर्जनों ग्रामीणों को मौत के आगोश में लेने वाले जानलेवा बुखार ने इस वर्ष मौत की शुरुआत कर दी है। करौरा में बुखार से एक व्यक्ति की मौत होने के बाद जनपद में आंकड़ा चार पहुंच गया है। हालांकि, अफसर मौत का कारण हार्टअटैक बता रहे हैं।
पिछले वर्ष जनपद में बुखार से 150 से ज्यादा मौत हुई थीं। सबसे अधिक मौत पहासू क्षेत्र के गांव करौरा में हुई थीं। यहां दो दर्जन से ज्यादा ग्रामीणों की मौत बुखार से हुई थी। इस वर्ष भी गांव में बुखार ने पैर पसार लिए हैं। गांव निवासी किसान रमेश चंद्र सैनी (55) पुत्र नत्थन सिंह की बुखार से मौत हो गई है, जबकि सैकड़ों लोग बुखार से पीड़ित हैं।
हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अफसर मौत का कारण हार्टअटैक बता रहे हैं। मौत के बाद जागे स्वास्थ्य विभाग के अफसर गांव में पहुंच गए। बुखार से पीड़ित 86 ग्रामीणों का स्वास्थ्य विभाग ने उपचार किया। शुक्रवार को जिला अस्पताल से पहुंची टीम ने घर-घर जाकर लोगों की जांच की। उसमें से करीब 30 लोग बुखार से पीड़ित पाए गए।
गांव में 12 वर्षीय अंशु, शिवम, पूजा, कपिल, दिनेश, विजय, ओमवती, सविता, ललित, योगश, कमला समेत करीब 30 लोग बुखार से गंभीर हैं। शुक्रवार को जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. बीके श्रीवास्तव, एसीएमओ डॉ. ललित, डीके शर्मा, डॉ. सीपी गौतम समेत चिकित्सकों की टीम गांव पहुंची।
पहासू सीएचसी के प्रभारी डॉ. अरविंद सैनी ने बताया कि इन लोगों को वायरल है। चेकअप के बाद दवाइयां दे दी गई हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे मौसम में लोगों को खानपान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। गंदगी और मच्छरों से बचने की जरूरत है।
स्वास्थ्य विभाग के अफसर बुखार के कहर को रोकने में बेशक नाकाम हों, लेकिन बुखार से हो रही मौतों पर परदा बखूबी डाल रहे हैं। लोगों की मौत बेशक बुखार से हो रही हों, लेकिन अफसर किसी को हार्टअटैक, किसी को पीलिया तो किसी की मौत का कुछ और कारण बता रहे हैं।
करौरा में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेज दी गई है। मृतक की जांच कराई गई, जिसमें पता चला कि उसकी मौत का कारण हार्टअटैक है। करौरा में बुखार से पीड़ित मरीजों को दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। - डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ