हाईवे पर मां-बेटी के साथ गैंगरेप के मामले में जेल गए सुतारी गांव निवासी रईस को उसके परिजनों और ग्रामीणों ने मंगलवार रात कोतवाली देहात का घेराव किया। उन्होंने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। उन्होंने रईस को जल्द से जल्द जेल से बाहर निकलवाने की मांग की।
हंगामे की सूचना पर एसपी सिटी और सीओ समेत कई थानों की पुलिस कोतवाली देहात पहुंच गई। बाद में रईस की पत्नी और उसके परिजनों को मिलवाने के लिए एसएसपी के पास ले गए। शुक्रवार रात हाईवे पर मां-बेटी से गैंगरेप के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
तीन में से एक आरोपी सुतारी गांव का रहने वाला रहीसुद्दीन उर्फ रईस है। पुलिस के मुताबिक, पीड़ित बच्ची ने फोटो के आधार पर रईस की शिनाख्त की है। जिसके आधार पर ही रईस को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। जबकि रईस के परिजनों का कहना है कि रविवार सुबह करीब तीन बजे पुलिस रईस को घर से उठाकर लाई थी।
यदि रईस ने कोई अपराध किया होता तो वह घर से भाग सकता था। रईस के पिता सोहराब ने बताया कि रईस चार बच्चों का पिता है। वह मेहनत मजदूरी करके परिवार का पेट भरता है। सोमवार को रईस को जेल भेजे जाने के बाद रईस के परिजनों और ग्रामीणों ने कोतवाली देहात पहुंचकर प्रदर्शन किया।
उन्होंने पुलिस पर रईस को झूठा फंसाने का आरोप लगाया। इस बीच ग्रामीणों की पुलिसकर्मियों से नोंकझोंक भी हुई। हंगामे की सूचना पर पहुंचे एसपी सिटी मान सिंह चौहान और कई थानों की पुलिस पहुंच गई। एसपी सिटी रईस की पत्नी और परिजनों को लेकर एसएसपी से मिलाने के लिए ले गए। जहां एसएसपी ने रईस के परिजनों को बताया कि रईस की शिनाख्त गैंगरेप पीड़िता ने फोटो देखकर की है। खबर लिखे जाते तक ग्रामीण कोतवाली देहात पर डटे हुए थे।