बुलंदशहर। गैंगरेप मामले में महिला आयोग की सदस्य रेखा शर्मा के निशाने पर पुलिस अफसर रहे। सदस्य ने डीजीपी को सरकार का मैसेंजर तक कह दिया। डीआईजी एवं एसएसपी पर गुमराह करने का आरोप लगाया। सदस्य दरिंदों पर भी बरसी। कहा-इज्जत दरिंदगी करने वालों की उतरी है, महिलाओं की नहीं।
राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य रेखा शर्मा, कानूनी सलाहकार अवनी बाहरी और समाज सेविका रीना भाटिया दोपहर करीब 12 बजे बुलंदशहर पहुंची। आयोग की सदस्य रेखा शर्मा ने बताया उनको पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में बैठाए रखा और चार घंटों तक पीड़ित बच्ची और महिलाओं से नहीं मिलवाया गया।
पुलिस अफसरों ने मुलाकात में देरी का कारण कांवड़ यात्रा को बताया। बाद में जब वह पीड़िताओं से मुलाकात करने पर अड़ गईं तो पुलिस द्वारा बताया गया कि पीड़ित परिवार पुलिसलाइन में है और डीजीपी पीड़ित परिवार से पूछताछ कर रहे हैं। चार घंटे बाद पीड़ित परिवार को आयोग की सदस्य रेखा शर्मा के सामने लाया गया। पीड़ित महिलाओं ने सदस्य को आपबीती बताई। महिलाएं फूट-फूट कर रोईं।
सदस्य को महिलाओं ने घर बुलाया
राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य रेखा शर्मा ने बताया कि पीड़ित महिलाओं ने कुछ बताने के लिए उनको घर बुलाया है। पीड़ित महिलाओं ने कहा है वह यहां सब कुछ नहीं बता सकते, इसलिए आपको नोएडा घर आना होगा।
आयोग कराएगा काउंसलिंग
महिला और बिटिया को सामान्य माहौल में ढालने के लिए महिला आयोग काउंसलिंग का सहारा लेगी। महिला आयोग की सदस्य रेखा शर्मा ने बताया कि पीड़ित परिवार के घर रोजाना काउंसलिंग की व्यवस्था की जा रही है, ताकि मां बेटी सामान्य माहौल में रहे।