डिबाई कोतवाली क्षेत्र के गांव कसेर कलां में रंजिशन चाची पर जानलेवा हमला करने वाले भतीजे को कोर्ट ने दोषी मानते हुए सात साल की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह निर्णय अपर सत्र न्यायाधीश पंचम सुनील कुमार वर्मा के न्यायालय ने दिया है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी प्रताप सिंह अंबा ने बताया कि वादी नरेंद्र कुमार ने 27 मई 2013 को थाना डिबाई में तहरीर दी थी। जिसमें उसने बताया था कि पिता रोहताश की मौत के बाद ननिहाल कसेर कलां में रह रहे थे। 17 मई 2013 को उसकी मां परिवार के साथ घर पर सो रही थी।
रात में ताऊ का लड़का बड़ा भाई जयद्रथ उर्फ अजय पुत्र शिशुपाल निवासी गांव रिवाड़ा थाना जहांगीराबाद ननिहाल में आया और पुराने विवाद में मां पर कुल्हाड़ी से हमला कर गंभीर रूप से घायल दिया। गंभीर हालत में मां को मेरठ हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने विवेचना के बाद जयद्रथ उर्फ अजय के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश कर दी।
कोर्ट में न्यायाधीश के समक्ष पीड़िता सहित कुल सात गवाहों के बयान दर्ज किए गए। न्यायाधीश ने जयद्रथ उर्फ अजय को जानलेवा हमले का दोषी मानते हुए सात साल की सजा सुनाई। साथ ही 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।