खुर्जा देहात क्षेत्र के गांव नगला शेखू में करीब 15 दिन पहले हुई सजायाफ्ता मुजरिम जितेंद्र की हत्या उसने की जिसकी हत्या की सुपारी जितेंद्र को दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं।
बृहस्पतिवार को एसपी देहात पंकज कुमार पांडेय ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि खुर्जा देहात क्षेत्र के गांव नगला शेखू में सात जून को जितेंद्र उर्फ जती का शव बरामद हुआ था। जितेंद्र हिस्ट्रीशीटर था और उसे निचली अदालत से हत्या के एक मामले में आजीवन कारावास की सजा हो चुकी थी।
वारदात की विवेचना के दौरान खुर्जा देहात पुलिस ने गांव नगला शेखू के जंगल से ओमवीर उर्फ पहलवान और अनिल उर्फ पीके को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर जितेंद्र की हत्या करने का जुर्म स्वीकार किया।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि करीब आठ साल पहले आरोपी ओमवीर के पिता विक्रम सिंह ने गांव हजरतपुर पूठरी के तेजवीर की हत्या कर दी थी। तेजवीर के पुत्रों ने बदला लेने के लिए ओमवीर उर्फ पहलवान की हत्या करने के लिए जितेंद्र उर्फ जती को सुपारी दी।
इसकी भनक ओमवीर को लग गई। योजना बनाकर ओमवीर ने अनिल उर्फ पीके, जीतू और पुनीत के साथ मिलकर जितेंद्र की अंगौछे से गला घोंटकर हत्या कर दी। आरोपियों ने शव को ईख के खेत में छिपा दिया। एसपी देहात ने बताया कि दो आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं, जबकि दो आरोपी फरार चल रहे हैं।