डिबाई कोतवाली क्षेत्र में करीब दो साल पहले 10 बीघा जमीन की रंजिश में हुई मां-बेटे की हत्या के मामले में कोर्ट ने पांच आरोपियों को दोषी माना है। न्यायाधीश ने पांचों को दोषी मानते हुए आजीवन कारवास की सजा सुनाई है। साथ ही 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह निर्णय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्याय कक्ष संख्या-4 सुनील कुमार प्रथम ने दिया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजेश कुमार गुप्ता ने बताया कि 22 जून 2014 को दोपहर करीब दो बजे परवेज उर्फ कोकी पुत्र अशफाक निवासी कसेरकला थाना डिबाई के ममेरे भाई मृतक सागर अली तथा मामी इकरासी बेगम के साथ कसेर कला फाटक पर बस से उतरा था।
वहां उसके पिता मोहम्मद अशफाक तथा बहनोई मोहम्मद अकील मिले। तभी सागर अली की पहली पत्नी उम्मेदा अपने पिता शाहिद अली तथा उनके लड़के इमरान और अरमान शाहिद अली के साथ वहां पहुंची। उम्मेदा के कहने पर शाहिद अली ने सागर को पकड़ लिया।
इमरान और अरमान ने सागर की छाती और पेट पर चाकू से वार कर दिए। इकरासी बेगम बचाने के लिए आई तो शाहिद अली, इमरान और अरमान ने उसे चाकू से गोद डाला। हत्या के बाद हमलावर कार में बैठकर भाग गए। कार शाहबाज पुत्र आजाद चला रहा था। न्यायाधीश ने शाहिद अली, अरमान, इमरान, उम्मेदा बेगम, शहबाज को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।