सीएचसी अनूपशहर पर कार्यरत डॉ. भूपेंद्र सिंह के पुत्र (13) की उसके ही दोस्तों ने रुपयों के लालच में अगवाकर हत्या कर दी। उसका शव हजीरों वाला कब्रिस्तान के पास जंगल से पड़ा मिला है। उसके सिर पर किसी भारी वस्तु वार किया गया था। पुलिस मृतक मेहुल के एक सहपाठीनिखिल पुत्र धीरेंद्र निवासी मोहल्ला गंगानगर और उसके चचेरे भाई केशव पुत्र दीनदयाल निवासी गांव गर हैराको गिरफ्तार कर वारदात का खुलाया किया।
अनूपशहर सीएचसी में डॉ. भूपेंद्र सिंह का बेटा मेहुल राजपूत कस्बे के जेपी विद्या मंदिर में कक्षा आठ का छात्र था। सोमवार शाम ट्यूशन पढ़ने गया था, उसके बाद वह घर नहीं पहुंचा। परिजनों ने छात्र के अपहरण की आशंका जताई। इसके बाद पुलिस की सर्विलांस टीम और फील्ड यूनिट भी अनूपशहर पहुंच गई।
दिनभर चली जांच के बाद पुलिस ने मेहुल के साथी छात्र निखिल को शक के आधार पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। इससे पूरा मामला खुल गया। पुलिस ने बताया कि मेहुल के साथ पढ़ने वाला निखिल ट्यूशन के बाद मेहुल से मिला और उससे बुलंदशहर बस स्टैंड पर रुकने को कहा। जब मेहुल बस स्टैंड पर पहुंचा तो वहां सहपाठी के साथ उसका चचेरा भाई केशव मौजूद था।
दोनों लोग मेहुल को लेकर हजीरों के कब्रिस्तान के पास गए और वहां पर किसी भारी वस्तु से वारकर मेहुल की हत्या कर दी। पुलिस आरोपी सहपाठी को लेकर मौके पर गई और शव बरामद किया। स्कूल का बैग भी मेहुल के पीठ पर था, यानी सहपाठियों ने उसे बचने का भी मौका नहीं दिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि मेहुल के पिता डॉक्टर हैं और वह आर्थिक रूप से संपन्न हैं।
इसलिए उसके डॉक्टर पिता से फिरौती के तौर पर रुपये एंठने के लिए मेहुल की हत्या की। अनूपशहर कोतवाली प्रभारी उदयवीर सिंह बालियान ने बताया कि डा. भूपेंद्र सिंह ने जो पहले तहरीर दी थी उसके आधार मंगलवार सुबह मेहुल के अपहरण रिपोर्ट दर्ज की गई थी। अब मामले का खुलासा होने पर उसे हत्या में तरमीम कर दिया जाएगा।
इस मामले में निखिल और केशव को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों ने पूछताछ मंे जुर्म कबूला है। निखिल की निशानदेही पर ही मेहुल का शव जंगल से बरामद किया गया है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है।