कोतवाली में मंगलवार को वार्ता करते कारोबारी।
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‘अनाज मंडी में निरीक्षण के दौरान एसडीएम से अभद्रता के मामले में नामजद व्यापारियों के अलावा किसी अन्य व्यापारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी। व्यापारी बेखौफ होकर मंडी में अपनी दुकानें खोलें।’ यह आश्वासन एसडीएम ने मंडी कारोबारियों के उस दल को दिया जो मंडी के प्रधान रमेशचंद्र के नेतृत्व में मंगलवार को कोतवाली आया था।
व्यापारी एसडीएम के अलावा सीओ और कोतवाली निरीक्षक से मिले और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। वहीं पांचवे दिन भी मंडी बंद रही और कारोबारियों के साथ-साथ किसान भी खाली बैठे रहे। मालूम रहे कि मंडी में निरीक्षण के दौरान बीते बृहस्पतिवार को एसडीएम लालता प्रसाद शाक्य के साथ व्यापारियों ने अभद्रता कर दी थी।
उनके साथ मौजूद दो होमगार्डों के साथ मारपीट कर पथराव भी किया था। इस मामले में मंडी सचिव की तहरीर पर पांच नामजद व 25 अज्ञात के खिलाफ रिपार्ट दर्ज कराई थी। नामजद आरोपियों में से दो को पुलिस ने अगले दिन ही गिरफ्तार कर लिया था। विरोध स्वरूप व्यापारियों ने तभी से मंडी में अपनी दुकानें बंद कर दीं।
अनाज मंडी में कच्चे-पक्के करीब 150 आढ़ती है। पांच दिनों से मंडी में कारोबार ठप रहने और जिंस निकासी न होने से प्रतिदिन सरकार को भारी मंडी शुल्क का नुकसान हो रहा है। एक हजार ऊपर संख्या में कार्य करने वाले पल्लेदारों पर रोटी का संकट गहराने लगा है।
विधायक गुड्डू पंडित, सपा जिलाध्यक्ष दिनेश गुर्जर, सांसद डा. भोला सिंह करोबारियों से मिलकर उनकी समस्याओं को डीएम से वार्ता कर समस्या हल का आश्वासन तो दे चुके है, लेकिन मंडी नहीं खुली।
मंगलवार को जब व्यापारियों का दल एसडीएम से मिला तो उन्होंने सील दुकानें खोलने क ो मंडी सचिव सुम्मेर सिंह से वार्ता करने को कहा। वहीं सीओ यशवीर सिंह ने फरार चल रहे नामजद दो आरोपियों को शीघ्र हाजिर करने को कहा है।