रंजिशन युवक की पीट-पीटकर हत्या के मामले में न्यायाधीश ने पिता पुत्र समेत चार को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह निर्णय अपर सत्र न्यायाधीश पंचम सुनील कुमार वर्मा के न्यायालय ने दिया है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी प्रताप सिंह अंबा व प्रशांत कुमार सिंह ने बताया कि वादी जुल्फिकार खां पुत्र इस्लाम निवासी चंदेरू ने थाना सिकंदराबाद में 19 जून 2010 को एक एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें उसने बताया था कि 16 जून की रात गांव के नौबत की बेटी की बारात आई थी। जिसमें कुछ लोग लड़कियों से मजाक कर रहे थे।
इस बात को लेकर गांव के कुछ लोगों में कहासुनी हो गई थी। शादी में परिवार भी शरीक हुआ था। 17 जून 2010 की रात 8 बजे एक दिन पुरानी बात को लेकर गांव के ही नदीम व वसीम पुत्र इस्लाम, इस्लाम व इकराम पुत्र चांद खां लाठी-डंडे लेकर घर में घुस आए। आरोपियों ने मौसिन व मुर्शरफ को बुरी तरह पीटा।
इलाज के दौरान मुर्शरफ की मौत हो गई। न्यायाधीश ने गवाहों के बयानों व पत्रावली के आधार पर नदीम पुत्र इस्लाम, वसीम पुत्र इस्लाम, इस्लाम पुत्र चांद खां और इकराम पुत्र चांद खां को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10-10 हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया।