बीबीनगर थाना क्षेत्र के लाडपुर गांव में एडवांस दिए रुपये मांगने पर युवक की हत्या के मामले में दो अभियुक्तों को कोर्ट ने दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। कोर्ट ने एक आरोपी को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है।
यह फैसला अपर जिला व सत्र न्यायाधीश तृतीय राम नारायण के न्यायालय ने दिया है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी प्रशांत कुमार सिंह ने बताया कि वादी जसवीर पुत्र रामोतार निवासी गांव लाडपुर ने 4 जुलाई 2012 को अपने भाई की हत्या की एफआईआर दर्ज कराई। उसने बताया कि भाई प्रदीप गांव में ही डेयरी चलाता था।
एडवांस में गांव के तमाम लोगों को रुपये दे रखे थे। गांव के अर्जुन पुत्र हंसराज को तीन हजार रुपये, आनंद पुत्र जगपाल को 50 हजार रुपये एडवांस में दे रखे थे। इन लोगों ने कुछ दिन दूध देकर बंद कर दिया। चार जुलाई की सुबह प्रदीप दोनों से एडवांस दिए रुपयों को मांगने उनके खेत पर गया तो आरोपियों ने रुपये देने से इनकार कर दिया।
खेत से लौटते समय गांव के ही अर्जुन पुत्र हंसराज व आनंद पुत्र जगपाल ने अपने साथी संजय पुत्र सुखवीर और मनोज पुत्र अज्ञात के साथ मिलकर प्रदीप की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने विवेचना के बाद चार्जशीट कोर्ट में पेश की।
न्यायाधीश ने अर्जुन व मनोज को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। न्यायाधीश ने वारदात की साजिश में शामिल रहने के आरोपी सुनील कुमार को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देकर दोषमुक्त कर दिया।