सौंदा हबीबपुर गांव में हुई चाचा की हत्या करने वाले भतीजे समेत दो लोगों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जमीनी रंजिश के चलते तीन साल पूर्व ट्यूबवेल पर सोते समय भतीजे ने अपने ही चाचा को पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया था। कोर्ट ने अभियुक्तों पर 10 हजार अर्थदंड भी लगाया है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता यशपाल सिंह राघव ने बताया कि विगत 18 सिंतबर 2014 को जंक्शन क्षेत्र के गांव सौंदा हबीबपुर निवासी 65 वर्षीय किसान बनी सिंह गांव में बने ट्यूबवेल पर सो रहा था।
आरोप है कि सोते वक्त ट्यूबवेल पर पहुंचे उसके भतीजे सुभाष उर्फ लाला और उसके साथी पप्पू ने महज दस बीघा जमीन की खातिर चाचा बनी सिंह को पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने मृतक पक्ष की ओर से वादी बंसत कुमार की तहरीर पर हत्या का मुकदमा पंजीकृत करते हुए चार्जशीट न्यायालय में भेज दी थी। हत्या का कारण जमीनी रंजिश बताया गया। मामले में तीन वर्ष तक दोनों पक्षों की तरफ से हुई जिरह को सुनने के बाद अपर जिला जज मोहम्मद रईस अहमद सिद्दीकी ने आरोपी सुभाष और पप्पू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
इसके अलावा दस हजार रुपये अर्थदंड भरने का भी आदेश दिया है।