कुंडल लूट का विरोध करने पर बाइक सवार दो बदमाशों ने फौजी की मां को जमीन पर पटक-पटककर मार डाला। बदमाशों ने फौजी के पिता को भी डंडों से पीटा। वारदात के बाद ग्रामीणों ने थाने में धरना दिया और कार्रवाई के साथ-साथ मुआवजे की मांग उठाई। पुलिस ने इस मामले में दो अज्ञात के खिलाफ लूट और हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है।
वारदात बुधवार सुबह साढ़े दस बजे जम्मू-कश्मीर में तैनात जाट रेजिमेंट के कांस्टेबल मोनू कुमार की माता बिजेंद्री देवी (60) और पिता विक्रम (65) के साथ हुई जब वे गांव बिसाइच स्थित खेत से पशुओं के लिए बुग्गी में चारा लेकर घर लौट रहे थे। रास्ते में तमंचे से लैस बाइक सवार दो बदमाशों ने उन्हें रोक लिया।
एक ने उसके कनपटी पर तमंचा रखकर उसके साथ मारपीट की तथा एक बदमाश ने उसकी पत्नी के कानों से सोने के कुंडल लूट लिए। बिजेंद्री ने विरोध किया तो बदमाशों ने उसे सड़क पर कई बार पटका। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बदमाशों ने विक्रम को भी डंडे से बुरी तरह पीटा।
वारदात के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण थाने में एकत्र हो गए तथा धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों के तेवर देख अफसरों ने कई थानों की फोर्स तथा पीएसी बुला ली। धरने में पहुंची विधायक विमला सोलंकी ने अधिकारियों के सम्मुख मांग रखी कि मृतका के परिजनों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाई जाए।
वहां मौजूद रालोद के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता चौ. पीके सिंह, रालोद नेता चौ. बिजेंद्र सिंह, किसान नेता चौ.सुन्दरपाल सिंह तेवतिया एवं चौ.हरवीर सिंह, दीपक दुल्हैरा ने अल्टीमेटम दिया कि यदि एक सप्ताह के भीतर पुलिस अपराधियों को पकड़ने में नाकाम रहती है तो गांव भटौना में महापंचायत कर आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।
एसडीएम सुनील कुमार ने नियमानुसार मुआवजा दिलाने की भी घोषणा की। उधर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ लूट व हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। एसपी सिटी मान सिंह चौहान ने बताया कि घटना बेहद दुखद और शर्मनाक है। सीओ यशवीर सिंह के साथ मैं खुद अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए प्रयासरत हूं।