ककोड़ बस हादसे में पावर कारपोरेशन की जांच में नया मामला सामने आया है। यदि लोग भगदड़ में बस से नहीं उतरते तो शायद इतना बड़ा हादसा नहीं होता।
लोग जैसे-जैसे बस से उतरे, करंट की चपेट में आते गए। जो बस के अंदर था, वह सुरक्षित था। शुक्रवार को ककोड़ में एक गमी से लौट रहे लोगों की बस बिजली लाइन की चपेट में आ गई थी।
हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई थी और दर्जनों लोग घायल हो गए। इस मामले में रविवार को पावर कारपोरेशन के अफसरों ने जांच शुरू की।
जांच में पता चला है कि कोई भी लाइन टूटी या झूल नहीं रही थी। बस खड़ंजे से भी नीचे उतर गई और वहां मौजूद पेड़ की टहनी के कारण हाइटेंशन लाइन का तार बस की छत से टच हो गया।
लेकिन अर्थ नहीं मिलने से बस में करंट नहीं उतरा। लेकिन जैसे ही हड़बड़ी में लोग बस से उतरे, अर्थ मिलने से करंट की चपेट में आ गए।
इसके बाद बस में भगदड़ मच गयी और लोग बचने के लिए बस से उतरकर भागने लगे। इसी के कारण हादसा इतना गंभीर हो गया। बस के टायर पूरी तरह सुरक्षित थे।
इसका मतलब कि बस को अर्थ नहीं मिला। अफसरों ने जांच में पाया कि हाईटेंशन बिजली की लाइन न तो टूटी थी और न ही झूल रही थी।
परिजनों को मिलेंगे 5-5 लाख रुपये
दनकौर (ब्यूरो)। सपा नेता और पूर्व सांसद सुरेंद्र सिंह नागर रविवार को हदीमपुर सड़क हादसे में मारे गए राजपुर निवासी मनोज और खेरली निवासी योगेंद्र उर्फ लाला के परिजनों से मिले।
उन्होंने पीड़ित परिवारों को आश्वस्त किया कि हादसा बीमा योजना के तहत दोनों परिवारों को 5-5 लाख की सहायता राशि दी जाएगी। उनके साथ दुष्यंत, जतन प्रधान, शादीराम, हरस्वरूप और परमाल भी मौजूद रहे।
जेई सस्पेंड, लाइनमैन को हटाया
एक्सईएन-एसडीओ पर शिकंजा
ककोड़ में हुए बस हादसे की गाज जेई और लाइनमैन पर गिर गई है। इसके अलावा एक्सईएन, एसडीओ समेत कई अफसर भी कार्रवाई की जद में हैं।
वहीं ऊर्जा सचिव ने एमडी से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब कर ली है। इस मामले में तौहिर की तरफ से अधीक्षण अभियंता राकेश कुशवाहा, एक्सईएन संदीप बंसल, एसडीओ विवेक रोस और जेई रमेश कुमार के खिलाफ धारा 304 के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई।
ऊर्जा सचिव संजय अग्रवाल ने मामले की रिपोर्ट एमडी मेरठ से मांगी है। वहीं दोषी अफसरों-कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
यह कार्रवाई अधीक्षण अभियंता स्तर से की गई है। मामले में जेई रमेश कुमार को निलंबित कर दिया गया, जबकि संविदा लाइनमैन सुनील कुमार को बर्खास्त कर दिया गया है।
मामले में एक्सईएन और एसडीओ के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा लाइन क्लीयरेंस के नाम पर लापरवाही बरतने वाले विद्युत सुरक्षा निदेशालय के अफसरों पर भी कार्रवाई तय मानी जा रही है।