बीए की छात्रा से गैंगरेप के मामले में एसएसपी ने अगौता के थानेदार को अभयदान देकर दरोगा के खिलाफ कार्रवाई कर दी। एफआईआर दर्ज न करने और थाने से पीड़िता को टरकाने के आरोप में एसएसपी ने दरोगा सतीश चंद शर्मा को सस्पेंड कर दिया। वहीं, फजीहत झेलने के बाद पुलिस ने पीड़िता के बयानों के आधार पर अपहरण की एफआईआर में गैंगरेप की धारा बढ़ाई है।
बता दें कि अगौता क्षेत्र के एक गांव निवासी बीए की छात्रा को पड़ोस में रहने वाली सुधा पत्नी संजीव धोखे से बुलाकर अपने यहां ले गई थी। वहां पति संजीव समेत तीन आरोपी उसे तमंचे के बल पर अगवा करके नोएडा ले गए थे। वहां दो लोगों ने छात्रा के साथ गैंगरेप किया था।
पीड़ित परिवार जब एफआईआर दर्ज कराने थाने पहुंचा तो थाने में मौजूद दरोगा सतीश चंद वर्मा ने एफआईआर दर्ज करने से इंकार कर दिया। मामला मीडिया में उछला तो अधिकारियों ने थानेदार को फटकार लगाई। इसके बाद पुलिस ने मनमाफिक तहरीर लिखवाकर अपहरण की एफआईआर दर्ज की।
जबकि पीड़िता शुरू से ही गैंगरेप की बात कह रही थी। मंगलवार को जब मामला मीडिया में उछला तो पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर गैंगरेप की धारा बढ़ाई और बुधवार को मेडिकल कराने की बात कही। पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। एसओ अगौता प्रभात वर्मा ने बताया कि नामजद आरोपियों के खिलाफ अपहरण व गैंगरेप की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
गैंगरेप पीड़िता ने सीओ स्याना पर लगाए आरोप
मेरठ। बुलंदशहर के खानपुर इलाके की गैंगरेप पीड़िता सोमवार को आईजी मेरठ से मिली। पीड़िता ने स्याना सीओ चितरंजन सिंह चौहान पर आरोपियों से सेटिंग करने का आरोप लगाया। उसका कहना है कि फरार आरोपी समझौता न करने पर जान से मारने की धमकी दे रहा है।
इस केस की विवेचना किसी अन्य सीओ से कराने की मांग की। खानपुर थानाक्षेत्र की एक महिला से 8 जुलाई 2016 को नशीला पदार्थ देकर छह लोगों ने गैंगरेप किया था। पुलिस ने नामजद आरोपी जयप्रकाश और राजू को जेल भेज दिया था। पीड़िता का कहना है कि नामजद आरोपी आलोक को पुलिस बचाने में लगी है।
आलोक अपने साथियों के साथ मिलकर उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहा है। अगर उसे इंसाफ नहीं मिला, तो परिवार समेत आत्मदाह कर लेगी। आईजी सुजीत पांडेय ने जांच किसी अन्य सीओ को सौंपने का आश्वासन दिया है।
एसएसपी ने थानेदार का किया बचाव
सस्पेंड हुए दरोगा सतीश चंद शर्मा ने बताया कि पीड़िता सोमवार सुबह थाने मेें तहरीर लेकर आई थी। इंस्पेक्टर अगौता प्रभात वर्मा बुलंदशहर गए हुए थे। इसकी जानकारी जब प्रभात वर्मा को दी तो उन्होंने एफआईआर दर्ज करने से इंकार कर दिया। निलंबित दरोगा ने कहा कि एफआईआर दर्ज होगी या नहीं, यह तय करने का अधिकार थानेदार को होता है।