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शोमिन के धोखे में दरोगा पर चली थी गोलियां

Fri, 13 May 2016 10:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बुलंदशहर/ग्रेटर नोएडा
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हत्या - फोटो : अमर उजाला
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सिकंदराबाद में गिरफ्तार दरोगा अख्तर खान की हत्या के आरोपी गुलफाम उर्फ तोता ने ग्रेटर नोएडा पुलिस को बताया कि शोमीन गैंग के लोगों के धोखे में दरोगा पर गोलियां चलाईं गईं थी। इसके बाद वे लोग खुद को बचाने के लिए छत पर चढ़कर फायरिंग करते हुए भाग निकले थे।
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इस दौरान तोता अलीगढ़, बुलंदशहर में छुपा रहा। वह सिकंदराबाद भी गया था। हालांकि दोबारा जाने पर सिकंदराबाद पुलिस ने बुधवार देर रात उसे गिरफ्तार कर लिया। दरअसल, 25 अप्रैल को दादरी के नई आबादी कस्बे में मुठभेड़ के दौरान दरोगा अख्तर खान की मौत हो गई थी।

मुठभेड़ से कुछ दिन पहले जावेद और शोमिन गैंग के बीच आपसी तनातनी चल रही थी। शोमिन अपने साथियों के साथ कस्बे में आकर जावेद को खुलेआम ललकार गया था। इस बात की जानकारी जावेद को हुई तो उसने फुरकान के घर अन्य बदमाशों के साथ अड्डा जमा लिया था। 
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मुठभेड़ से एक दिन पहले पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ आपराधिक तत्व कस्बे में खुले आम तमंचा लेकर घूम रहे हैं। जो किसी घटना को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना पाकर दादरी पुलिस अपनी टीम के साथ फुरकान के घर दबिश देने पहुंची।

ताश खेल रहे बदमाशों को लगा कि शोमिन के गैंग ने उन पर हमला कर दिया है। गैंग समझकर बदमाशों ने गोली चला दी, जिसमें दरोगा अख्तर खान की मौके पर ही मौत हो गई।

गुलफाम भी था सरेंडर की फिराक में
दादरी में दबिश के लिए गए दरोगा अख्तर खान की हत्या के बाद से आरोपी जावेद और गुलफाम साथ-साथ फरारी काट रहे थे। करीब 15 दिन ठिकाना बदलने के बाद दोनों को अहसास हो गया था कि पुलिस उनका एनकाउंटर कर देगी। गिरफ्तार होने से दो दिन पहले ही गुलफाम हिस्ट्रीशीटर जावेद से अलग हुआ था। दोनों ने किसी तरह पुलिस के सामने एक-एक कर सरेंडर होने की योजना बनाई थी।

बुधवार रात पुलिस गिरफ्त में आने के बाद गुलफाम ने पूछताछ में बताया कि दरोगा अख्तर खान की हत्या के बाद दोनों दादरी की नई आबादी इलाके से साथ-साथ भागे थे। दो दिन तक गाजियाबाद के लाल कुंआ स्थित एक ठिकाने पर रुके थे। इसके बाद जावेद हापुड़ में रहने वाली अपनी बहन के यहां उसे लेकर गया था।

वहां कुछ दिन ठहरने के बाद हापुड़ के नूरपुर गांव में रुके थे।  बताते हैं कि दादरी में एक नेता है जो जावेद और गुलफाम को हथियारों की सप्लाई करता था। गुलफाम ने जेल जाने से पहले कोर्ट में पेशी के दौरान एक व्यक्ति से कहा था कि उस नेता को बोल देना। वह कोर्ट कचहरी में उसका खर्च उठाएगा। वहीं, पुलिस ने इस नेता के बारे में जानकारी होने से इनकार किया है।

मुठभेड़ के बाद गिरफ्तारी के दौरान गुलफाम के चेहरे पर एनकाउंटर का डर साफ दिखाई दे रहा था। दरोगा अख्तर खान की हत्या के बाद दोनों साथ-साथ थे। - जितेंद्र कुमार, थाना प्रभारी सिकंदराबाद
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