गृहक्लेश से तंग आकर एक मां ने अपनी मासूम बच्ची के साथ जहर पी लिया। दोनों को गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती किया गया। दोनों का निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। गृहक्लेश की वजह महिला को बेटी होना बताया गया है। हालांकि नगर पुलिस ने जानकारी से इंकार किया है। परिजनों ने बोलने से इंकार किया है।
जहांगीराबाद क्षेत्र के शिवाली के पासं गांव गिनोरा जन्नारा में करीब डेढ़ माह पहले एक महिला ने एक बेटी को जन्म दिया था। बताया गया कि बेटी होने के बाद से ही घर में क्लेश चल रहा था। बेटी होने पर महिला को घर में आए दिन ताने सुनने पड़ रहे थे।
पिछले कई दिनों से महिला मिल रहे तानों से काफी परेशान थी। शनिवार को महिला ने अपनी डेढ़ माह की मासूम बेटी को जहर पिलाया और उसके बाद खुद पी लिया। महिला के उल्टी करने पर जहर पीने की बात पता चली। आनन-फानन में महिला को नगर के ईदगाह रोड स्थित गर्ग हॉस्पीटल में भर्ती कराया गया।
हॉस्पीटल में मां-बेटी का उपचार चल रहा है। नगर कोतवाली पुलिस ने भी घटना की जानकारी से इनकार किया है। इस संबंध में एनआरसी कॉलेज के प्रोफेसर ओपी सिंह का कहना है कि तमाम जागरूकता के बावजूद बेटा-बेटी में फर्क समझने वालों की गिनती कहीं ज्यादा है। जब तक व्यक्ति स्वयं जागरूक नहीं होगा तब तक बेटी बचाओ के लिए चल रही योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
संदिग्ध हालात में खाई चूहेमार दवा
कोतवाली देहात की नई मंडी चौकी क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने संदिग्ध हालात में चूहेमार दवा खा ली। हालत बिगड़ने पर परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां से मेरठ रेफर कर दिया। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मिली जानकारी के मुताबिक 37 वर्षीय विधवा महिला अपने परिवार के साथ गांव में रहती है।
24 दिसंबर 2016 की शाम महिला ने चूहेमार दवा खा ली, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। महिला के पुत्र ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां से महिला को मेरठ रेफर कर दिया। परिजनों के मुताबिक, महिला की हालत ठीक है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
शिवाली गांव की एक महिला ने अपनी डेढ़ माह की मासूम बेटी के साथ जहर पी लिया था। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल लाया गया। दोनों का उपचार चल रहा है। अब दोनों मां-बेटी की हालत खतरे से बाहर है। कारण पूछने पर परिजनों ने गृहक्लेश का हवाला दिया है।
डॉ. एसके गर्ग, संचालक, गर्ग अस्पताल