गांव दयौरार में एक विवादित मकान पर कब्जा करने को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट व फायरिंग हुई। इसमें दोनों पक्षों के दस लोग घायल हो गए। एक पक्ष ने कब्जा करने आए लोगों को बंधक बना लिया। बाद में बंधक बनाए लोगों को पुलिस को सौंप दिया गया।
लोगों ने लेखपाल पर विवादित मकान पर जबरन कब्जा कराने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। दयौरार निवासी शिवकुमार शर्मा ने बताया कि उन्होंने लगभग बीस साल पहले मकान बनाया था और उसमें परिवार के साथ रह रहे हैं।
कुछ समय पहले शिवकुमार की भाभी ने इस मकान को गांव के गिरधारी को बेच दिया। तभी से दोनों पक्षों में मकान को लेकर विवाद चल रहा है। आरोप है कि रविवार को लेखपाल दूसरे पक्ष से मिलकर जबरन कब्जा कराने के लिए छह हथियारबंद लोगों के साथ पहुंच गया।
आरोपियों ने मौके पर पहुंचकर फायरिंग कर दहशत फैलाई और मकान में रह रहे लोगों को जबरन निकालकर कब्जे की कोशिश शुरू कर दी। शोर शराबा सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और उन्होंने आरोपियों का विरोध किया। इस दौरान दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई।
इसमें एक पक्ष के शिवकुमार, श्रीराम, अंशुल, लवकुश, शिखा, सावित्री के अलावा दूसरे पक्ष के भूलेराम, गिरधारी, भगवती, पूनम घायल हो गए। गुस्साए ग्रामीणों ने कब्जा करने आए दो लोगों को बंधक बना लिया और लेखपाल समेत अन्य लोग भाग गए।
ग्रामीणों ने मौके पर पहुंची पुलिस नेे आरोपियों को उनके हथियार समेत पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने सभी घायलोेें को जेवर के सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया है। इस मामले में दोनों पक्षों ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
कोतवाली प्रभारी सुबोध यादव ने बताया कि घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। मामले की जांच की जा रही है। शिकायत के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।