ऊंचा तरीनान निवासी युवक ने घर के खर्च को रुपये न मिलने पर बृहस्पतिवार रात फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों के अनुसार वह चार दिन से बैंक की लाइन में लग रहा था, लेकिन उसका नंबर आने तक रुपये खत्म हो जाते थे। वह रुपयों के अभाव में परिवार की हालत देखकर परेशान था।
युवक के फांसी लगाकर जान देने की सूचना से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। बैटरी रिक्शा चलाने वाला अकबर (27) मोहल्ला ऊंचा तरीनान में पत्नी व एक बच्ची के साथ रहता था। नोटबंदी के बाद से रिक्शे से घर का खर्च निकलना मुश्किल हो गया था।
वह पांच-पांच सौ के चार पुराने नोट बदलवाने के लिए एचडीएफसी बैंक की लंबी लाइन में चार दिन से लग रहा था। सुबह को लाइन में लगता और शाम को खाली हाथ वापस लौटना पड़ता। उसका नंबर आने तक बैंक में कैश खत्म हो जाता था।
परिजनों के अनुसार इससे अकबर काफी परेशान था। रुपयों के अभाव में परिवार का खर्च नहीं चला पा रहा था। बृहस्पतिवार शाम को बैंक से निराश होकर लौटने के बाद वह गुमसुम था। रात में वह चुपचाप अपने कमरे में चला गया। कुछ देर बाद पत्नी ने देखा तो वह फंदे पर लटका हुआ था।