पहासू में वीडियो वायरल होने पर हुए बवाल की तह तक पहुंचने की कवायद में इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) की टीम को क्षेत्र के कुछ सफेदपोश लोगों की भूमिका संदिग्ध मिली है। आईबी अब सर्विलांस और कॉल डिटेल के जरिए ऐसे लोगों भूमिका की जांच कर रही है जिन्होंने वीडियो सर्कुलेट किया और माहौल बिगाड़ने की कोशिश की।
मालूम रहे कि है कि पहासू कस्बे के ही रहने वाले रिहान ने धर्म विशेष के खिलाफ नफरत फैलाने वाला वीडियो बनाकर वायरल कर दिया था। इसके बाद रविवार को कस्बे में सांप्रदायिक बवाल मच गया था। सीओ विजय प्रकाश सिंह ने बताया कि इंटेलीजेंस ब्यूरो की टीम ने जांव के दौरान सफेदपोशों के मोबाइल सर्विलांस पर लगाए गए थे।
उनकी कॉल डिटेल्स खंगालने के बाद कई महत्वपूर्ण सूचनाएं आईबी के हाथ लगी है। पता चला है कि दोनों संप्रदायों के कुछ सफेदपोशों ने जानबूझकर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया था। हालांकि, आईबी की टीम ने कुछ भी बताने से इनकार किया है। सीओ ने बताया कि माहौल बिगाड़ने में सफेदपोशों की भूमिका पाई जाती है, तो उन पर कार्रवाई तय है।
बवालियों का चिट्ठा जाएगा शासन तक
पहासू में माहौल खराब करने वालों का काला चिट्ठा शासन को भेजा जाएगा। शासन के रिकार्ड में आने के बाद उनके पासपोर्ट, लाइसेंस से लेकर अन्य प्रमाण पत्रों को बनवाने में बाधा तो आएगी ही साथ सरकारी मदद मिलने में भी परेशानी खड़ी होगी। वहीं बवाल के दौरान मदद करने वालों को सम्मानित किया जाएगा।
सीओ विजय प्रकाश सिंह ने बताया कि बवालियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनका रिकार्ड तैयार किया जा रहा है। जो शासन को भेजा जाएगा। अगर उनके खिलाफ आरोप सिद्ध हुआ तो उनका नाम शासन स्तर पर रिकार्ड में दर्ज हो जाएगा।
ऐसे में उन्हें पासपोर्ट, लाइसेंस आदि प्रमाण पत्र बनवाने में परेशानी का सामना करना पड़ेगा। यहां तक कि उन्हें किसी भी तरह की सरकारी मदद भी नहीं मिलेगी। सीओ ने बताया कि ववाल के दौरान क्षेत्र के जिन लोगों ने पुलिस की सहायता की है और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए क्षेत्र में जाकर प्रयास किया है ऐसे लोगों को सम्मानित किया जाएगा।