नगर कोतवाली क्षेत्र में युवक ने पत्नी को धोखे से तलाक देकर बंधक बना लिया और कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर रिश्तेदार के साथ मिलकर गैंगरेप किया। युवक ने तलाक की जानकारी अपने सास-ससुर को नहीं दी। थाने में शिकायत के बावजूद सुनवाई न होने पर पीड़िता ने कोर्ट के आदेश पर आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
जिला हापुड़ के कोतवाली देहात क्षेत्र की रहने वाली महिला ने न्यायालय को बताया कि 23 फरवरी 2014 को उसका विवाह धीरेंद्र सागर थाना खुर्जा के साथ हुआ था। विवाह में मिले दान-दहेज से ससुराल वाले संतुष्ट नहीं थे। इसके चलते धीरेंद्र पर उसके परिजन तलाक देने का दबाव बनाते थे। धीरेंद्र ने परिजनों से अलग रख घोखे से न्यायालय में एक वाद दायर करवा दिया।
30 मार्च 2016 को दोनों का तलाक हो गया। उसी दिन शाम पांच बजे जब वह कचहरी से निकल रही थी बाहर निकलते धीरेंद्र के गांव का चिंटू, धीरेंद्र और रिश्तेदार भजनलाल उसे जबरन गाड़ी में बैठा लिया और अपने गांव लेकर आए। आरोपियों ने अपने परिजनों और रिश्तेदार की मदद से अपने घर में जान से मारने की धमकी देकर बंधक बना लिया।
महिला का आरोप है कि धीरेंद्र ने उसके साथ बलात्कार किया। इसके बाद धीरेंद्र ने गवाही दिलाने के बाद मायके छोड़ने का आश्वासन देकर सात अप्रैल 2016 को बुलंदशहर लाया। शाम होने का बहाना बनाकर धीरेंद्र ने काला आम के निकट होटल में कमरा किराए पर लिया। धीरेंद्र ने चिंटू व भजनलाल को पहले से बुला रखा था।
धीरेंद्र ने कहा कि सुबह होने पर दोनों उसे हापुड़ छोड़ आएंगे। इसके बाद धीरेंद्र ने कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाकर गैंग रेप किया। आरोपी उसके मायके छोड़ने के बजाय गाड़ी में डालकर गांव ले आए। आरोपी 11 अप्रैल 2016 को जम्मू ले गया। वहां किराए पर कमरा लेकर उसके साथ बलात्कार किया।
धीरेंद्र ने तलाक की जानकारी महिला के माता-पिता को नहीं दी। चार सितंबर 2016 को महिला के पिता और उसके भाई ने आरोपियों के चंगुल से छुड़वाया। महिला का मायके में ही इलाज हुआ। पीड़िता का आरोप है कि उसने कई बार एसएसपी को तहरीर दी। लेकिन कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। नगर कोतवाल पीआर शर्मा ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
देवर ने की छेड़छाड़, कपड़े फाड़े
भाई की गैर मौजूदगी में छोटे भाई ने अपनी भाभी के साथ छेड़छाड़ की। विरोध करने पर मारपीट करते हुए कपड़े फाड़ डाले। पीड़िता ने नामजद तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। थाना क्षेत्र के गांव निवासी महिला ने बताया कि सोमवार को उसका पति खेतों पर काम करने के लिए गया हुआ था।
उसे घर में अकेली देख उसका देवर ने उसके साथ छेड़छाड़ करनी शुरू कर दी। विरोध करने पर देवर ने उसके साथ मारपीट की और उसके कपड़े फाड़ डाले। पीड़िता ने नामजद तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
‘समाज के लिए होते हैं खतरनाक’
महिलाओं, युवतियों और बच्चियों के साथ घिनौनी वारदात को अंजाम देने वाले लोगों संकीर्ण मानसिकता का शिकार होते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पीड़ितों को मजबूती से अपनी आवाज उठानी चाहिए। ऐसे लोग समाज के लिए खतरनाक होते हैं। - डॉ. आरबी शर्मा- मनोरोग विशेषज्ञ
देश में आज महिलाओं, युवतियों और बच्चियों के प्रति अपराध लगातार बढ़ रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण न्याय मिलने में होने वाली देरी एक अहम हिस्सा है। पुलिस को सबूत इकट्ठा कर आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश करने में समय लगता है। तब तक लोक लाज के चलते पीड़िता टूट जाती है। प्रोफेसर ओम प्रकाश सिंह-समाज शास्त्री