एक साल पहले सीज किया गया अल्ट्रासाउंड सेंटर दोबारा धड़ल्ले से चलता मिला। सीएमओ के निर्देश पर हुई छापेमारी में अल्ट्रासाउंड सेंटरों की पोल खुल गई। टीम ने एक अल्ट्रासाउंड सेंटर को सीज किया। वहीं, एक अल्ट्रासाउंड सेंटर के संचालक ने सरेंडर कर दिया।
सीएमओ के निर्देश पर डिप्टी सीएमओ डॉ. अशोक तालियान के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर छापेमारी की। जहांगीराबाद का साईं अल्ट्रासाउंड सेंटर मौके पर चलता हुआ पाया गया, जबकि एक साल पहले पीएनडीटी एक्ट के उल्लंघन में इस सेंटर को डिप्टी सीएमओ ने सीज कर दिया था।
डिप्टी सीएमओ ने बताया कि इसके अलावा कई माह से रिपोर्ट नहीं दे रहे लाल अल्ट्रासाउंड सेंटर पर भी छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालक ने सरेंडर कर दिया। फिलहाल अल्ट्रासाउंड सेंटर को सीज कर दिया गया है।
लिंग जांच का चल रहा खेल
स्वास्थ्य विभाग के एक बड़े अफसर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जहांगीराबाद का एक अल्ट्रासाउंड सेंटर लिंग जांच के खेल में लिप्त हैं।
साईं अल्ट्रासाउंड सेंटर एक साल पहले सील किया जा चुका था, लेकिन वह संचालित होता मिला। सेंटर को दोबारा सील कर दिया गया है। कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ
डिलीवरी अधिक होने पर मिलेगा अधिक बजट
जननी सुरक्षा योजना को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य उपकेंद्रों के बजट में इजाफा कर दिया गया है। शासन ने स्वास्थ्य उपकेंद्रों के बजट को दोगुना से अधिक बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। सबसे अधिक फायदा एएनएम को मिलेगा।
सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी ने बताया कि शासन के निर्देश मिल चुके हैं। डिलीवरी वाले स्वास्थ्य उपकेंद्रों का बजट बढ़ा दिया गया है। जहां ज्यादा डिलीवरी होंगी, वहां ज्यादा बजट जारी किया जाएगा।