अरनिया क्षेत्र के लखनवाड़ा में नौ गोवंशों के कटान को लेकर लोगों का गुस्सा भड़क उठा। सुबह छह बजे से लेकर दोपहर एक बजे तक चले बवाल के आगे पुलिस भी पस्त दिखाई दी। हंगामे के दौरान लाउडस्पीकर से लगातार एसएसपी लोगों को समझाती रहीं।
लेकिन ग्रामीण डटे रहे और आरोपियों की गिरफ्तारी तथा अरनिया थाना के पूरे स्टाफ को सस्पेंड करने की मांग करते रहे। यही नहीं पब्लिक का गुस्सा पुलिस पर भी फूटा। पुलिस वाहनों पर ग्रामीणों ने पथराव किए। वहीं ग्रामीण महिलाओं और अधिकारियों के बीच भी जमकर नोंकझोंक हुई।
सीओ से भिड़ीं महिलाएं
बवाल के दौरान ग्रामीण महिलाएं सीओ चंद्रधर गौड़ से भिड़ गईं। समझाने-बुझाने के दौरान महिलाओं के साथ उनकी जमकर नोंकझोंक हुई। महिलाओं के गुस्से के आगे सीओ वहां से जाना पड़ा। वहीं पुलिस कर्मियों से भी महिलाएं भिड़ गईं और उन्हें भगा दिया।
जेसीबी पर पथराव
काटे गए गोवंशों के अवशेष को दफनाने के लिए गड्ढे खोदने पहुंची जेसीबी को भी गुस्साए ग्रामीणों ने पथराव कर भगा दिया। पुलिस जैसे ही जेसीबी लेकर पहुंचती ग्रामीणों का गुस्सा और भड़क जाता।
पुलिस अफसरों के काफी प्रयास जब ग्रामीण नहीं माने तो गांव के कुछ गणमान्य लोगों को बुलाकरकर ग्रामीणों के समझाने और एसएसपी के आश्वासन के बाद लोगों ने जेसीबी को आने दिया। तब कहीं जाकर गोवंशों के अवशेष को दफनाया गया। एहतियातन क्षेत्र में फोर्स तैनात की गई है।
तत्कालीन एसओ पर लगा गोकशी को संरक्षण देने का आरोप
अरनिया के लखनवाड़ा गांव में गोकशी पर भड़के लोगों का गुस्सा उत वक्त परवान चढ़ गया जब उन्होंने एसओ खानपुर राजवीर सिंह को देखा। पूर्व में अरनिया थाने के प्रभारी रहते हुए उन पर गोतस्करों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए भीड़ हिंसक हो उठी।
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने किसी प्रकार राजवीर सिंह को बचाया। जब पुलिस कर्मी उन्हें डायल 100 में बैठा कर ले जाने लगे तो ग्रामीणों ने पथराव कर उसके शीशे तोड़ दिए। पथराव से राजवीर सिंह समेत तीन पुलिस कर्मी घायल हो गए। अरनिया क्षेत्र के लखनवाड़ा में हुई गोकशी की घटना को लेकर ग्रामीणों में पूरे दिन रोष व्याप्त रहा।
हिंदु युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष सुनील सिंह राघव ने हत्या में शामिल सभी आरोपियों पर प्रशासन से रासुका लगाए जाने की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार तत्त्कालीन एसओ राजवीर चौहान ने चार्ज के वक्त गौकशों को संरक्षण दिया था, जिसके चलते दोकशों के हौसले बुंलद हो गए।
ग्रामीणों की माने तो अगर गोकशों पर चार्ज के दौरान अपनी डयूटी समझते हुए एसओ राजवीर उन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते तो आज नौ गोवंशों को काटा नहीं जाता। गौकशी की घटना के बाद जैसे ही वर्तमान खानपुर एसओ राजवीर चौहान मौके पर पहुंचे, भीड़ उनके खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन हमला बोल दिया।
पुलिस कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद किसी प्रकार राजवीर चौहान को बचाया। पूरे प्रकरण के पीछे राजवीर सिंह की गोकशों से मिलीभगत सामने आई है।
थाने के पास गोकशी पर बैठाई जांच
पुलिस थाने के नजदीक गोकशी को डीएम ने बेहद गंभीरता से लिया है। डीएम ने कहा है कि आधा दर्जन गोवंश की हत्या में चार छह घंटे का समय जरूर लगा होगा। इस बीच हलका पुलिस क्या सो रही थी? पुलिस की भूमिका को लेकर डीएम ने एडीएम प्रशासन को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।
डीएम आंजनेय कुमार सिंह ने बताया मामले की जानकारी सुबह साढ़े चार बजे मिल गई थी। इसके बावजूद प्रकरण का निपटारा दोपहर एक बजे के बाद क्यों कराया गया? इतना ही नहीं मामले पर काबू पाने के लिए एसएसपी को मौके पर जाना पड़ा, जबकि डीएम खुर्जा पहुंचकर वापस लौटे।
डीएम ने बताया कि हद दर्जे की लापरवाही क्यों बरती गई? सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि थाने से महज दो किलो मीटर की दूरी पर आधा दर्जन गोवंश को मौत के घाट उतार दिया गया। गोवंश को काटने और ट्रांसपोर्टेशन मेें कम से कम चार घंटा तो लगा होगा।
चार घंटा तक पुलिस क्या करती रही? यह जांच का विषय है। डीएम ने एडीएम प्रशासन अरविंद कुमार मिश्र को जांच सौंपी है। सूत्रों के अनुसार बुलंदशहर, खुर्जा, स्याना, सिकंदराबाद, खानपुर आदि इलाकों में अवैध रुप से खूब कटान किया जा रहा है।
सीओ और थानाध्यक्ष की भूमिका संदिग्ध
इस पूरे प्रकरण में पुलिस की ढिलाई सामने आई है। पूरे मामले की जांच के लिए एडीएम प्रशासन को जिम्मेदारी दी है। आगे ऐसा हुआ तो कार्रवाई सख्त होगी। मीट माफियाओं से भी पुलिस प्रशासन सख्ती के साथ निपटेगा। आंजनेय कुमार सिंह, डीएम, बुलंदशहर
हाईअलर्ट ःआरोपियों पर लगेगा रासुका
अरनिया गोकशी मामले के बाद डीएम ने जनपद में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। गोकशी में लिप्त मीट माफियाआें पर एनएसए के तहत कार्रवाई की पुख्ता तैयारी कर ली गई है। मीट माफिया भले ही कितना भी बड़ा रसूखवाला क्यों न हो, ठोस कार्रवाई होगी जिससे जिले में अवैध कटान करने वालों तक संदेश जाए।
अरनिया गोकशी मामले को लेकर डीएम पल-पल की जानकारी लेते रहे। एडीएम प्रशासन और एसडीएम डीएम के सीधे संपर्क में रहे। वहीं, डीएम लखनऊ में बैठे अफसरों को अपडेट करते रहे। जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि आरोपियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
मीट माफियाओं से साठगांठ करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। इस मामले में जिन मीट माफियाओं की संलिप्ता उजागर होगी उन सब पर एनएसए के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। गोवंश अधिनियम के तहत भी कठोर कार्रवाई होगी। साथ ही गोवध रोकने के लिए जिले में सतत सघन अभियान जारी रहेगा।
जिस भी इलाके में गोवध हुआ उस क्षेत्र के पुलिस और प्रशासन के अफसरों से भी सख्ती के साथ निपटा जाएगा। डीएम आंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि गोमांस तस्करी करने पर जीरो टालरेंस की नीति अपनाई जाएगी।