हरियाणा के मानेसर में महिला से गैंगरेप और उसकी नौ माह की बच्ची की हत्या के मामले में हरियाणा पुलिस ने तीसरे आरोपी जयकेश को भी गांव रुनसी से बुधवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद छतारी के गांव रुनसी में बृहस्पतिवार को चचाओं का बाजार गर्म रहा। लोगों ने तीनों युवकों पर लगे आरोपों पर आश्चर्य जताया।
बता दें कि 29 मई 2017 की रात हरियाणा के मानेसर में घर से मायके जा रही महिला और उसकी नौ माह की बच्ची को तीनों युवकों ने दबोच लिया था। बेटी को जान से मारने की धमकी देकर तीनों ने महिला के साथ रेप किया। बच्ची शोर न मचाए इसके लिए आरोपियों ने उसके मुंह पर कपड़ा ठूंस दिया। दम घुटने से उसकी मौत हो गई। रेप के बाद तीनों बच्ची की लाश महिला को थमाकर फरार हो गए।
बुधवार सुबह पुलिस ने जनपद के छतारी थाना क्षेत्र के गांव रुनसी निवासी आरोपी योगेंद्र को हरियाणा पुलिस ने मानेसर के पास से गिरफ्तार कर लिया था। पीड़िता ने योगेंद्र की शिनाख्त कर ली थी। योगेंद्र ने अपने साथियों के नाम रुनसी गांव निवासी जयकेश व अमित बताए थे। बुधवार दोपहर हरियाणा पुलिस की एक टीम ने रुनसी गांव में आरोपियों के घर में छापेमारी की।
जिसके बाद जयकेश को देर रात गिरफ्तार कर लिया गया। जहां से उसे हरियाणा ले जाया गया। एसीपी मानेसर धर्मवीर सिंह ने बताया कि तीसरे आरोपी जयकेश को भी गिरफ्तार कर लिया है। छापेमारी के दौरान हरियाणा पुलिस ने अमित के भाई को हिरासत में लिया गया। भाई को हिरासत में लिए जाने के बाद उसके पिता ने पुलिस को आश्वासन दिया कि वह अमित को बुला लेंगे।
पिता ने दिल्ली पुलिस में एसआई के पद पर तैनात अमित के फूफा से बात की। जिसके बाद पिता और फूफा बुधवार को अमित को लेकर मानेसर पहुंचे जहां हरियाणा पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। गांव के लोगों का कहना था कि योगेंद्र, अमित और जयकेश का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। उन्होंने गांव में कभी किसी से झगड़ा नहीं किया और न ही किसी महिला या युवती के साथ कोई गलत हरकत की है।
मानेसर कांड की सभी लोगों ने की निंदा
हरियाणा के मानेसर में महिला से गैंगरेप और नौ माह की बच्ची की हत्या में जनपद के थाना छतारी के गांव रुनसी के रहने वाले तीन युवकों का नाम आने के बाद जनपदवासियों का सिर शर्म से झुक गया है। सभी लोग एक सुर में इस जघन्य घटना की निंदा कर रहे हैं। साथ ही आरोपियों के दोषी पाए जाने के बाद कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
दुधमुंही बच्ची की हत्या और महिला से गैंगरेप की घटना करने वाले किसी शैतान से कम नहीं होते। यदि योगेंद्र, जयकेश और अमित दोषी हैं तो उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
-अनुजा कौशिक
- दिल्ली में हुए निर्भया कांड को लोग भुला भी नहीं पाए थे कि मानेसर की घटना ने लोगों की दर्दनाक यादें ताजा कर दीं। निर्भया कांड की तरह इन आरोपियों को भी दोषी पाए जाने पर कड़ी सजा मिले। - प्रीति पाठक
- मानेसर की घटना ने समाज को एक बार फिर अलर्ट कर दिया है कि मानसिक रूप से मर चुके दरिंदे आज भी सड़कों पर घूम रहे हैं। ऐसे लोगों के लिए सिर्फ और सिर्फ फांसी की सजा होनी चाहिए।
प्रो. ओपी सिंह
- रुनसी निवासी तीनों युवकों की पढ़ाई की उम्र है। ऐसे में तीनों ने इस जघन्य अपराध को कारित करने के बारे में सोचा भी कैसे। इस घटना ने समाज को एक बार फिर सोचने पर मजबूर कर दिया है कि ये लोग हम जैसे लोगों के ही बीच में जीवन यापन करते हैं।
-व्यापारी संजय माहेश्वरी