पावर कारपोरेशन का 130 करोड रुपया गुमशुदा उपभोक्ता डकार चुके हैं। अफसर और कर्मियों की लापरवाही से यह पैसा गुमशुदा हुए उपभोक्ताओं ने गबन कर लिया है।
खास बात यह है कि कारपोरेशन के पास इसका रिकॉर्ड होने के बावजूद इसे वसूलना अब मुमकिन नहीं है। यही नहीं अफसरों की नाक की नीचे कारपोरेशन कमिर्यों ने करीब नौ हजार बकाएदारों को नए नाम से कनेक्शन भी जारी कर दिए हैं।
पावर कारपोरेशन में गुमशुदा उपभोक्ताओं की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। जनपद में 9651 गुमशुदा उपभोक्ताओं को चिन्हित किया गया है, जिनके पास कारपोरेशन का करीब 130 करोड़ रुपया बकाया है।
यह वह उपभोक्ता हैं, जिन्होंने बकाया होने के बाद नए नाम से कनेक्शन ले लिया। कारपोरेशन के रिकॉर्ड में यह उपभोक्ता मौजूद हैं, लेकिन इनसे बकाया वसूलना अब कारपोरेशन के बस की बात नहीं है।
इन सभी उपभोक्ताओं को बिजली अफसर-कर्मियों की सांठगांठ से नए नाम से कनेक्शन जारी कर दिए गए हैं।
आरसी जारी न होने से बढ़ा फर्जीवाड़ा
बकाएदार उपभोक्ताओं को आरसी जारी नहीं होने के कारण गुमशुदा उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ रही है। लाखों में बकाया होते ही बाबुओं और अफसरों की सांठगांठ से बकाएदार उपभोक्ता नए नाम से कनेक्शन जारी करा लेते हैं।
यदि इन बकाएदारों को आरसी जारी की जाए तो यह फर्जीवाड़ा काफी हद तक रुक सकता है। जनपद के कई खंड तो ऐसे हैं, जहां सालों से बकाएदारों को आरसी ही जारी नहीं की गई।
किस खंड की क्या है स्थिति
खंड राजस्व
बुलंदशहर 17 करोड़
सिकंदराबाद 19 करोड़
जहांगीराबाद 22 करोड़
शिकारपुर 17 करोड़
स्याना 18 करोड़
डिबाई 19 करोड़
खुर्जा 18 करोड़
जो बकाएदार उपभोक्ता गुम हो गए हैं, उन्हें चिन्हित किया जा रहा है। गुमशुदा हुए इन उपभोक्ताओं से रिकवरी की जाएगी। - राकेश कुशवाहा, अधीक्षण अभियंता