कंधई थाना क्षेत्र में शनिवार रात तीन युवकों ने एक दलित किशोरी के साथ गैंगरेप किया। मुंह दबाकर उसे खेत में ले गए और उसके साथ दरिंदगी की। आरोप है कि शिकायत लेकर थाने पहुंची पीड़िता के परिजनों को दबाव में लेकर पुलिस ने तहरीर ही बदलवा दी और गैंगरेप की जगह छेड़छाड़ की रिपोर्ट एक नामजद व दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ दर्ज की। पुलिस के रवैए से पीड़ित के परिजनों में आक्रोश है।
कंधई थाना क्षेत्र के एक गांव में शनिवार की रात शादी थी। रात करीब दस बजे वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दलित छात्रा भी घर से निकली। आरोप है कि रास्ते में गांव के एक युवक ने अपने दो साथियों के साथ उसे दबोच लिया। तीनों मुंह दबाकर उसे खेत में घसीट ले गए। इसके बाद तीनों ने उसके साथ मुंह काला किया। उनके चंगुल से छूटने के बाद वह घर लौट आई और परिजनों को घटना से अवगत कराया। पहले तो आरोपी युवक के खिलाफ पीड़ित परिवार आवाज उठाने का साहस नहीं कर सका। दोपहर में पीड़िता को लेकर उसके चाचा व दूसरे लोग कंधई थाना पहुंचे। पुलिस को किशोरी ने आपबीती सुनाई।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने तहरीर बदलने का दबाव बनाया। इसके बाद पुलिस ने पीड़िता के चाचा से मनमानी तहरीर लिखवाकर हस्ताक्षर करा लिया। एसओ सुरैश सैनी ने बताया कि गैंगरेप की बात गलत है। पुलिस ने कोई तहरीर नहीं बदलवाई। पीड़िता के चाचा ने जो तहरीर दिया , उसी के आधार पर सोनू पुत्र गुमान व दो अज्ञात के खिलाफ छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपियों की तलाश जारी है।
कंधई पुलिस किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने वाले आरोपियों को हर मोड़ पर बचाते नजर आ रही थी। पहले तो पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया, बल्कि उसके चाचा की तहरीर पर कार्रवाई की गई। चर्चा है कि आरोपी रास्ते भर पीड़ित परिवार को थाने जाने से रोकने का हरसंभव प्रयास भी करते रहे। जब वे नहीं मानें तो आरोपी पक्ष के लोग पुलिस से सांठगांठ कर लिया। हालांकि कंधई पुलिस ऐसे आरोपों को निराधार बता रही है।