बैंकों से हजारों करोड़ रुपये का कर्ज लेकर विदेश चले गए उद्योगपति विजय माल्या और किंगफिशर के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के खिलाफ नगर कोतवाली में कोर्ट के आदेश पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज हुई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कैलाशपुरी निवासी आकाश शर्मा पुत्र राजेंद्र शर्मा पेशे से पायलट हैं। राजेंद्र ने बताया कि उनके बेटे ने शराब व्यवसायी विजय माल्या की कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस में अगस्त 2012 से नवंबर 2014 तक बतौर पायलट नौकरी की थी।
कंपनी ने इस दौरान तनख्वाह देने में आनाकानी की। इस पर आकाश ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में विजय माल्या और कंपनी के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी संजय अग्रवाल के खिलाफ परिवाद दर्ज करा दिया। काफी कोशिशों के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया था।
समझौते के तहत तनख्वाह के रूप में 20,50,765 रुपये का भुगतान कर दिया गया। कहा गया कि बाकी 9,20,187 रुपये टीडीएस के रूप में काट लिया गया है, जिसे बाद में इनकम टैक्स विभाग में जमा करा दिया जाएगा। इस रकम का आयकर विभाग से रिफंड लिया जा सकेगा।
आरोप है कि किंगफिशर कंपनी ने आयकर विभाग में टीडीएस जमा नहीं कराया। इधर, इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने के बाद भी आकाश को रिफंड नहीं मिल सका। थाना स्तर से सुनवाई न होने पर कोर्ट ने विजय माल्या और संजय अग्रवाल के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए।
नगर कोतवाल आरके सिंह ने बताया कि विजय माल्या और संजय अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। विजय माल्या को दूतावास के माध्यम से नोटिस भेजा जाएगा।