फर्जी बीमा कंपनी खोलकर सेल्स एग्जीक्यूटिव नियुक्त किया और वाहन चालकों से लाखों का बीमा करा लिया। क्लेम की नौबत आने पर कई दिनों तक टरकाया।
जांच में पता चला कि इस नाम की कोई कंपनी नहीं है। कंपनी के एग्जीक्यूटिव ने चार तथाकथित कंपनी संचालकों पर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
हेतवा दनकौर निवासी रविंद्र कुमार ने बताया कि कुत्ते की कब्र के पास खुले मुरूगुन अप्पा प्रा. लिमिटेट बीमा कंपनी में 26 सितंबर 2014 को उसे बतौर सेल्स एग्जीक्यूटिव नियुक्त किया गया था।
खुद को संचालक बताने वाले हाथरस निवासी रविंद्र यादव, इलाहाबाद निवासी सिद्धार्थ, वीर खेड़ा निवासी वेद प्रकाश शर्मा ने उसे बताया था कि वे कंपनी के फ्रैंचाइजी होल्डर हैं।
साथ ही यूनाइटेट इंडिया इंश्योरेंस के साथ उनका टाईअप है। वेद प्रकाश जोनल हेड है। रविंद्र ने करीब 7 लाख रुपये का बीमा दिया। बीते दिनों एक बाइक और ट्रैक्टर के क्लेम के लिए जब उसने वेद प्रकाश से बात की तो वह कई दिनों तक टरकाता रहा।
संदेह होने पर वह कंपनी के दिए गए पते पर मद्रास पहुंचा, जहां पता चला कि सिर्फ एक कमरा है जो बंद रहता है।