अवैध संबंधों के शक में पुत्री की हत्या और युवक का अपहरण कर उसको मारकर शव दफनाने के मामले में न्यायाधीश ने आठ आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने सभी दोषियों पर 31-31 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
यह निर्णय जिला एवं सत्र न्यायाधीश अली जामिन के न्यायालय ने दिया है। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी मोहम्मद शारिक, अशोक कुमार व कृष्णकांत गुप्ता ने बताया कि वादी अहसान पुत्र अब्दुल रशीद निवासी मलकपुर ने तीन फरवरी 2014 को थाना अनूपशहर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
जिसमें उसने बताया था कि उसके भाई वसीम का गांव निवासी सईद की पुत्री से अवैध संबंध की चर्चा थी। सईद पुत्र रशीद व उसके घरवालों ने पहले लड़की की हत्या कर दी। आरोपी वादी के पुत्र की हत्या की फिराक में थे।
एक फरवरी 2014 की शाम सात बजे अहसान का भाई वसीम जोकि लड़की की हत्या से पहले बिहार में रह रहा था, अचानक गांव आ गया। वसीम का गांव का जहीर, बबलू पुत्र हवीब, रिजवान, इरफान पुत्र अहमदनर, वसीम पुत्र सईद, जमील पुत्र रशीद, अशरफ पुत्र जमील, राशिद पुत्र इसराईल, सईद ने अपहरण कर लिया।
इन लोगों ने सिरौरा के जंगल में ले जाकर आम के बाग में वसीम की हत्या कर शव को गड्ढा कर दफना दिया। पुलिस ने तफ्तीश शुरू की तो आरोपियों की निशानदेही पर वसीम का शव गड्ढे से बरामद किया गया।
विवेचना के बाद पुलिस ने नौ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश की। मामला सेंशन सुपुर्द होने पर जिला व सत्र न्यायाधीश के समक्ष आया। जहां जिला जज के सामने अभियोजन पक्ष ने वादी सहित 11 गवाहों के बयान दर्ज कराए।
बयानों व साक्ष्यों के आधार पर न्यायाधीश ने जहीर, बबलू, रिजवान, इरफान, वसीम, जमील, अशरफ, राशिद को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 31-31 हजार का अर्थदंड भी लगाया। न्यायाधीश ने सईद पुत्र रशीद को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।