कस्बा स्याना से वर्ष 2002 में पाक को सेना की गुप्त सूचना देने के आरोप में गिरफ्तार किए गए आरोपी को बृहस्पतिवार अदालत ने पांच साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
यह फैसला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सपना त्रिपाठी ने सुनाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजेश कुमार गुप्ता ने बताया कि 24 मई 2002 को स्याना पुलिस ने क्लीनिक चलाने वाले डॉ. मोहम्मद हाशिम को पाकिस्तान को भारतीय सेना की गुप्त सूचनाएं देने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
डॉ. हाशिम ने पुलिस के समक्ष कबूल किया था कि वह पाक के लिए सऊदी अरब में मोहम्मद आरिफ को भारतीय सेना की गोपनीय सूचनाएं भेजता है। इसकी एवज में उसे पैसे मिलते हैं।
पुलिस ने हाशिम के क्लीनिक से गोपनीय सूचनाओं की फाइल, जम्मू-कश्मीर आर्मी का नक्शा आदि कागजात भी बरामद किए थे। राजेश कुमार गुप्ता के अनुसार यह मामला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सपना त्रिपाठी की अदालत में विचाराधीन था।
अभियोजन की ओर से 12 साक्षी और आरोपी की ओर से दो साक्षी प्रस्तुत हुए। माल मुकदमा न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। बहस के उपरांत न्यायाधीश ने डॉ. मोहम्मद हाशिम को पांच साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।