मंगलवार को फैक्ट्री कर्मी से लूटकर भाग रहे बदमाशों ने पुलिस द्वारा पूछताछ में दो वारदात को स्वीकार किया है। पकड़े गए तीनों आरोपियों में गैंग का सरगना डिप्लोमा इंजीनियर है। उसी ने लूट की वारदात को अंजाम देने के लिए दो युवकों के साथ मिलकर यह गैंग बनाया था।
लुटेरों के कब्जे से लूटी गई रकम, कार, तमंचा, चाकू, बरामद किया है। वहीं, एसएसपी ने लुटेरों को पकड़ने वाली टीम को पांच हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है। अजीतपुर थाना गजरौला जनपद पीलीभीत निवासी फैक्ट्री कर्मी रजनीश कुमार पुत्र गिरधारीलाल ने मंगलवार को पुलिस को सूचना दी थी कि तेल मिल के पास कार सवार बदमाशों ने उसे आतंकित कर पांच हजार रुपये लूट लिए।
सूचना पर पुलिस ने बदमाशों का पीछा करते हुए उन्हें सिकंदराबाद में दबोच लिया था। पकड़े गए लुटेरों ने अपने नाम सचिन, नकुल, रोहित निवासी ग्राम फरीदपुर बताए थे। कोतवाल जितेंद्र कुमार ने बताया कि पूछताछ में सचिन ने बताया कि उसने पंजाब से इलेक्ट्रानिक्स से डिप्लोमा किया है।
डिप्लोमा करने के बाद उसने नकुल, रोहित के साथ मिलकर गैंग बनाया। लूट की वारदात को अंजाम देने के लिए हाईवे को चुना। कोतवाल ने बताया कि लुटेरों ने दो जुलाई को दनकौर रोड पर मामा ढाबे के पास कृष्णा कुटी शांति नगर बुलंदशहर निवासी कलेक्शन एजेंट ओमप्रिय से एक लाख 36 हजार की लूट भी स्वीकार की है।
पुलिस ने लुटेरों के पास से रजनीश से लूटे गए पांच हजार रुपये, ओमप्रिय से लूटे गए 17500 रुपये, इनोवा गाड़ी, एक तमंचा, एक चाकू बरामद किया है।