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दबंग सलाखों में..नपे पुलिस वाले भी

Sun, 02 Apr 2017 12:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
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क्राइम - फोटो : अमर उजाला
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जहांगीराबाद के एक गांव में हुई शर्मनाक घटना के बाद अमर उजाला में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित होने के बाद हरकत में आई पुलिस अब कार्रवाई करती दिख रही है। एसएसपी ने दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है।
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एसएसपी सोनिया सिंह ने बताया कि पूरे मामले में लापरवाही बरतने पर दारोगा तफसीन अहमद और सिपाही सुशील कुमार को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा नामजद आरोपी प्रवीण पुत्र हरिओम और सोनू पुत्र परमेश को गिरफ्तार कर लिया गया है।

दूसरी ओर इस मामले की जांच एसपी देहात कर रहे हैं। घटना के फौरन बाद एसपी आरए को जांच सौंपी गई थी। लेकिन घटना के 18 दिन बाद भी साहब ने जांच मुकम्मल करना मुनासिब नहीं समझा। हालांकि एसपी आरए का कहना है कि दो दिन के भीतर प्रकरण की रिपोर्ट तैयार कर ली जाएगी।
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जांच के हर एक बिंदु पर फिर से जांच की जाएगी ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
डीएम आंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि उत्पीड़न मामले में जो मदद संभव होगी वह पीड़ित परिवार को मुहैया कराई जाएगी।

उन्हाेंने यह भी कहा कि पीड़ित परिवार का भी एक सदस्य अपराधिक मामलों में लिप्त हैं। उसी से ही झगड़े की शुरुआत हुई थी। जांच की जा रही है मारपीट और घर जलाने के आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पहले मामला दबाने में लगी रही खाकी

गैंगरेप के बाद पीड़िता का घर आग के हवाले करने के मामले में पुलिस का फिर बदरंग चेहरा सामने आया है। पीड़ित परिवार का केस तक दर्ज नहीं किया गया। ताकि बाद में परेशान होने पर समझौते कराया जा सके।

पुलिस अपने मकसद में काफी हद तक कामयाब भी हो गई थी, लेकिन मामला दिल्ली में बैठे अफसरोें तक पहुंच गया। इसके बाद पुलिस को मजबूरन कार्रवाई के लिए आगे आना पड़ा। हालांकि अब भी पुलिस पीड़ित को कसूरवार ठहराने से बाज नही आ रही है।

सूत्रों का कहना है कि सूबे में 11 मार्च को भाजपा को बड़ी जीत हासिल हुई थी। होली के अगले दिन 14 मार्च को ये सनसनीखेज वारदात हो गई। सरकार बनते ही खाकी की छवि खराब न हो जाए, इसलिए पुलिस मामले को मैेनेज कराने में जुटी रही।

पुलिस का मानना था कि प्रकरण मीडिया में आने के बाद अफसरों पर गाज गिर सकती है। खासबात यह है कि इस प्रकरण में पुलिस ने आरोपी पक्ष को सुर्खियों में आने ही नहीं दिया और बेकसूर बताती रही। डीएम को भी पुलिस अफसरों ने सही जानकारी नही दी।  
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