एक अंपजीकृत चिकित्सक की लापवाही से मेधावी छात्रा विकलांग हो गई। दरअसल, चारा काटने वाली मशीन से छात्रा की चार अंगुलियां घायल हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि उनसे पूछे बिना ही चिकित्सक ने उनकी बेटी की अंगुलियां काट दी। परिजनों ने मामले की शिकायत सीएमओ से की है।
सीएमओ ने डिप्टी सीएमओ को जांच के आदेश देते हुए तीन दिन में रिपोर्ट तलब की है। गुलावठी क्षेत्र के गांव नरायनपुर बासका निवासी गुलनाज पत्नी शकील ने सीएमओ से की शिकायत में बताया कि 16 फरवरी को उसकी बेटी के दाएं हाथ की अंगुलियां चारा काटने की मशीन में आकर चोटिल हो गईं।
वह आनन-फानन में अपनी बेटी को गुलावठी में मेरठ रोड स्थित एक अपंजीकृत चिकित्सक के यहां उपचार को ले गईं। चिकित्सक उसकी बेटी को अंदर कमरे में ले गया और उसकी चारों अंगुलियां काट दी। बाहर आकर चिकित्सक ने कहा कि उसकी बेटी की अंगुलियां पूरी तरह कुचल गईं थी, जिन्हें काट दिया गया है।
परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने अंगुली काटते हुए उनसे एक बार भी नहीं पूछा। जब वह अपनी बेटी को लेकर दिल्ली के एक बड़े अस्पताल में गए तो वहां चिकित्सकों ने बताया कि इसकी अंगुली तो जोड़ी जा सकती थीं। इन्हें गलत तरीके से काटा गया है।
पीड़ित मां ने बताया कि उसकी बेटी कक्षा छह की छात्रा है और वह क्लास में हमेशा टॉप पर आती थी। अब उसकी बेटी की अंगुली काट दीं। पीड़िता ने सीएमओ से शिकायत करते हुए आरोपी चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मामला काफी गंभीर है। अपंजीकृत चिकित्सक को सर्जरी का अधिकार ही नहीं होता है। इस प्रकार बिना मरीज की इजाजत के अंगुली काट देना गलत है। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। डिप्टी सीएमओ को जांच के निर्देश देते हुए तीन दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। आरोपी अपंजीकृत चिकित्सक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।-डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ