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कोर्ट का आदेश दरकिनार, सौरभ को थमा दिया हथियार

Thu, 25 Aug 2016 12:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
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गैंगरेप - फोटो : अमर उजाला
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पुलिस लाइन में शूटआउट न हुआ होता अगर पुलिस  ने कोर्ट का आदेश का पालन किया होता। सालभर पहले सौरभ ने न्यायालय के एक दफ्तर में महिला कांस्टेबल पर राइफल तान दी थी। तब न्यायाधीश ने तत्कालीन एसएसपी को पत्र लिखकर भविष्य में सौरभ त्यागी को असलाह न देने के आदेश दिए थे। इसके बाद भी अधिकारियों ने सौरभ त्यागी के हाथों में असलाह थमा दिया।
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हाईकोर्ट के आदेश पर बहाल होने वाले कांस्टेबल सौरभ त्यागी की ड्यूटी दिसंबर 2015 में कचहरी स्थित सदर हवालात में थी। उस समय एडीजे चतुर्थ रहे आदर्श कुमार कन्नौजिया के न्यायालय में एक महिला कांस्टेबल कोर्ट मोहर्रिर थी। महिला कांस्टेबल ने बताया कि जब वह न्यायालय का आदेश लेकर सदर हवालात जाती तो सौरभ त्यागी उसे परेशान करता था।

फोन पर बात न मानने पर जान से मारने की धमकी देता था। सौरभ ने कई बार महिला कांस्टेबल के साथ अभद्रता की, लेकिन बदनामी के डर से वह चुप सहती रही। एक दिन सौरभ त्यागी सदर हवालात से न्यायालय के ऑफिस में चला गया। वहां सौरभ ने महिला कांस्टेबल से अभद्रता शुरू कर दी।
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जब महिला कांस्टेबल ने विरोध किया तो सौरभ त्यागी ने महिला कांस्टेबल की कनपटी पर रायफल लगा दी और गोली मारने की धमकी देने लगा। न्यायालय परिसर में भगदड़ मच गई। वहां मौजूद कुछ लोगों ने सौरभ के हाथ से राइफल छीन ली। महिला कांस्टेबल रोते हुए वर्तमान एडीजे द्वितीय और तत्कालीन एडीजे चुतुर्थ आदर्श कुमार कन्नौजिया के पास पहुंची और सौरभ त्यागी के खिलाफ शिकायती पत्र दिया।

न्यायाधीश ने तत्कालीन एसएसपी अनंत देव तिवारी को पत्र लिखकर कहा कि सौरभ त्यागी की मानसिक हालत ठीक नहीं है। इसलिए सौरभ त्यागी का उपचार कराया जाए।
उन्होंने आदेश दिया कि सौरभ त्यागी के हाथ में हथियार देना खतरे से खाली नहीं है। भविष्य में सौरभ त्यागी को हथियार न दिया जाए। मिली जानकारी के मुताबिक, तत्कालीन एसएसपी ने कोर्ट के आदेश पर सौरभ त्यागी के खिलाफ जांच भी बैठाई। इसकी रिपोर्ट अभी तक लंबित है।

जवानों का हाल जानने पहुंचे डीएम
घायल जवानों का हाल जानने के लिए डीएम आंजनेय कुमार मेरठ के आनंद हास्पिटल गए। डीएम ने बताया कि चंद्रपाल वेंटिलेटर पर हैं। वहीं, घायल दूसरे जवान मनवीर की हालत खतरे से बाहर बताई गई है।

मिलेगी सरकारी मदद
डीएम आंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित परिवारों को कानून के तहत आर्थिक मदद की जाएगी। इस संबंध में रिपोर्ट बनाने का आदेश दे दिया गया है। पुलिस महकमे की ओर से मदद की तैयारी शुरू कर दी गई है।

मेडिकल रिपोर्ट से मिलेगी सौरभ के परिजनों को राहत
सौरभ अवसाद में था इस संबंध में पुलिस अफसरों को मेडिकल रिपोर्ट मिलने लगी हैं। सौरभ का मनोवैज्ञानिक चिकित्सक के यहां उपचार चल रहा था इसकी पुष्टि सौरभ के परिजनों से की है। जानकारों की मानें तो अवसाद संबंधी रिपोर्ट सौरभ के परिजनो को थोड़ी राहत दे सकती हैं।

1999 में जहांगीराबाद में भी हो चुकी है ऐसी घटना
ऐसी वारदात पूर्व में जहांगीराबाद में भी हो चुकी है। जहांगीराबाद में ड्यूटी दीवान द्वारा एक कांस्टेबल की ड्यूटी लगातार एक ही प्वाइंट पर लगाने पर वर्ष 1999 में कांस्टेबल ने अपनी सरकारी राइफल से ड्यूटी लगाने वाले दीवान पर गोली चला दी। दीवान की सिर में गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी कांस्टेबल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। यदि उस घटना से पुलिस के आला अधिकारियों ने सबक लिया होता तो शायद पुलिस लाइन की घटना न होती।
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