क्षेत्र के गांव नवादा में एक सपा नेता के संरक्षण में शराब का ठेका चल रहा था। इसकी शिकायत गांव की महिलाओं और पुरुषों ने डीएम से की थी। इस संबंध में ग्रामीण शुक्रवार को डीएम से मिले और ठेका बंद कराने की मांग की। शिकायत के आधार पर डीएम ने एसडीएम से गांव में संबंधित ठेका सील करा दिया।
ग्रामीणों ने डीएम को बताया कि गांव में शराब का ठेका स्वीकृत नहीं है। गांव में किसी दूसरे ठेके की सब ब्रांच एक सपा नेता ने खुलवा रखी है। इससे गांव के नौजवानों में शराब की लत पड़ गई है। कई युवा तो शराब के कारण बीमारी की चपेट में आने से जान गंवा चुके हैं और कई लोग बीमार हैं। कई परिवारों को शराब ने बर्बाद कर दिया है।
गांव में शराब का ठेका होने से महिलाआें का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। शराब ठेके के बाहर खड़े लोग कई बार टोकने पर हमला तक कर देते हैं। महिलाओं की ओर अश्लील इशारे करते हैं। ऐसे में कई बार गांव का माहौल खराब होते होते बचा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह सब एक सपा नेता के इशारे पर हो रहा है।
डीएम आंजनेय कुमार सिंह ने मामले की जांच आदेश जिला आबकारी अधिकारी ने दिया है। इस दौरान ऊषा देवी, मंजू, कुसुम, सपना, रेखा, शारदा, सोनम, रानी, कमलेश एवं ममता सर्वेश आदि मौजूद रहे।
डीएम आंजनेय कुमार सिंह के निर्देश पर एसडीएम सदर ने शुक्रवार को गांव नवादा में चल रहे अवैध शराब ठेके को सील कर दिया। इसकी जांच भी शुरू करा दी गई है। बृहस्पतिवार को भूड़ पर शराब का एक ठेका सील कर दिया। शराब बिक्री का समय सुबह नौ बजे तय है, जबकि ठेके पर सुबह सात बजे से शराब की बिक्री की जा रही थी।
एसडीएम सदर अरुण कुमार यादव ने बताया कि प्रतिबंधित समय में शराब की बिक्री के चलते ठेका सील किया गया।