रंगदारी न देने पर खल व्यापारी डॉ. अतर सिंह की हत्या के लिए एक लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। पुलिस ने शूटर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर बुधवार को हत्याकांड का खुलासा कर दिया।
गिरफ्तार बदमाशों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया तमंचा बरामद कर लिया गया। इस गिरोह का सरगना पहले ही कोर्ट में सरेंडर कर चुका है। पुलिस अन्य दो आरोपियों की तलाश कर रही है।
एसपी सिटी मान सिंह चौहान ने बताया कि औरंगाबाद थाना क्षेत्र में एक एक दिसंबर 2016 की दोपहर तीन बजकर 30 मिनट पर औरंगाबाद निवासी डॉ. अतर सिंह सैनी पर बाइक सवार दो बदमाशों ने गोलियां बरसाईं थी।
13 दिसंबर 2016 को उपचार के दौरान उनकी की मौत हो गई थी। विवेचना के दौरान अत्तू उर्फ अतेंद्र पुत्र बीरे, उमेश पुत्र स्व. ब्रह्म सिंह निवासी गांव खनौदा थाना औरंगाबाद, सतीश पुत्र जयचंद निवासी गांव मिलख थाना दनकौर जिला गौतमबुद्धनगर, पवन पुत्र सतीश निवासी गांव बढ़पुरा थाना दादरी जिला गौतमबुद्धनगर, दिनेश पुत्र श्रीपाल निवासी औरंगाबाद और जुगेंद्र पुत्र मेहरचंद निवासी गांव राजगढ़ी थाना औरंगाबाद के नाम प्रकाश में आए।
अत्तू उर्फ अतेंद्र ने 20 दिसंबर 2016 को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। इसके बाद बुधवार सुबह खनौदा गेट के पास से सतीश, दिनेश और जुगेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। इनकी निशानदेही पर राजगढ़ी जंगल स्थित कुए से एक तमंचा बरामद कर लिया। वहीं उमेश और पवन की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
पूछताछ में पता चला कि सतीश व पवन शॉर्प शूटर हैं। दोनों फिरौती लेकर हत्या की वारदातों को अंजाम देते हैं। एसपी सिटी ने बताया कि अत्तू उर्फ अतेंद्र और उमेश पिछले 6-7 माह से डॉ. अतर सिंह सैनी से दो लाख रुपये की रंगदारी की मांग कर रहे थे।
बार-बार रंगदारी मांगने पर भी डॉक्टर रंगदारी नहीं दे रहा था। अत्तू और उमेश ने शूटर सतीश व पवन को डॉक्टर की हत्या के लिए 50-50 हजार रुपये में तय किया था। दिनेश ने डॉ. अतर सिंह के दुकान पर बैठे होने की बदमाशों को फोन पर सूचना दी थी। जिसके बाद शूटरों ने वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।