कस्बे में मंगलवार को दुकानों के निर्माण के विवाद ने सांप्रदायिक रूप ले लिया, जिस स्थान पर दुकानें बनाई जा रही थीं वह जमीन कब्रिस्तान की बताकर उपद्रवियों ने पथराव, तोड़फोड़, आगजनी और लूटपाट की।
पुलिस पर पथराव कर दौड़ा लिया गया। दोनों तरफ से पथराव में 6 लोग चोटिल हो गए। करीब डेढ़ घंटे तक अफरातफरी का माहौल रहा। कस्बे में तनाव देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया है।
पुलिस के मुताबिक, पुराना बस अड्डा स्थित कब्रिस्तान के पास पूर्व चेयरमैन ठाकुर नेत्रपाल सिंह ने करीब 30 साल पहले दुकानों का निर्माण कराया था। जर्जर दुकानों का 25 दिन पहले फिर से निर्माण शुरू किया।
एक समुदाय के लोगों ने इसकी शिकायत करते हुए आरोप लगाया था कि यह जमीन कब्रिस्तान की है। पुलिस ने उस दौरान दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत करा दिया था।
इस मामले की जांच एसडीएम जेवर ने की और कब्रिस्तान की भूमि के दावे को खारिज कर दिया। एसडीएम के आदेश पर मंगलवार को दुकानों का निर्माण चल रहा था।
सुबह करीब 11:30 बजे दूसरे समुदाय के कुछ युवक वहां पहुंचे और मजदूरों की पिटाई कर भगा दिया। एक दरोगा और तीन सिपाही मौके पर पहुंचे और फिर से काम शुरू कराया।
इसकी जानकारी दूसरे समुदाय के लोगों को लगी तो वहां पर काफी संख्या में वहां पहुंचे और पथराव कर दिया। उपद्रवियों ने खड़ी कारें, दो बाइक में तोड़फोड़ की।
मोबाइल कंपनी के कलेक्शन सेंटर समेत आसपास की दुकानों में तोड़फोड़, लूटपाट और आग लगा दी। तनाव देखते हुए व्यापारी दुकानों के शटर बंद कर भाग गए।
उपद्रवियों ने आसपास के घरों पर भी पथराव किया। नीरज, सोनू, पिंटू, दीपक और हेमू की कार तोड़ डालीं। एसडीएम के आदेश पर एक दरोगा और तीन सिपाही दुकानों का निर्माण करा रहे थे।
करीब 70 फीसदी काम पूरा हो गया था। पुलिस पर पथराव होते ही उपद्रवियों की भीड़ के आगे पुलिस को जान बचाकर भागना पड़ा। घटना स्थल से चंद कदम पर थाना रबूपुरा है लेकिन उपद्रवियों की मनमानी देखकर पुलिस घटना स्थल पर जाने का साहस नहीं जुटा पाई।