तहसील दिवस में मंगलवार को किसानों ने विरोध-प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है तहसील कर्मी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। खसरा-खतौनी की आड़ में उनसे अवैध वसूली की जा रही है।
भाकियू के नेतृत्व में बड़ी संख्या में काश्तकार सदर तहसील में आयोजित तहसील दिवस पहुंचे।
भ्रष्ट कर्मचारियों को दंडित करने की मांग को लेकर किसान धूप में बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। इसके बाद अफसरों ने किसानों का प्रतिनिधि मंडल वार्ता के लिए बुलाया। मंडल अध्यक्ष गंगाराम पिलानिया ने कहा कि सदर तहसील में खसरा-खतौनी की आड़ में बीते दो साल से तय से अधिक शुल्क वसूला जा रहा है।
किसानों से करीब 15 लाख रुपये अधिक वसूले गए हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरपाल तेवतिया ने भ्रष्ट कर्मचारियों को दंडित करने की मांग की। मुआवजा वितरण की जांच, अंडर पास का निर्माण, सिंचाई और गन्ना बकाया का मुद्दा भी किसानों ने उठाया। इस मौके पर गुड्डू प्रधान, अमरपाल, राज कुमार,धर्मेंद्र, दिनेश, रणवीर, धर्मेंद्र आदि मौजूद रहे।
74 फरियादियों ने रखी शिकायतें
जिलाधिकारी शुभ्रा सक्सेना की अध्यक्षता में सदर तहसील में आयोजित तहसील दिवस में 74 फरियादियों ने अपनी शिकायत दर्ज कराई। डीएम ने अधीनस्थ अफसरों को शिकायतकर्ताओं की शिकायत को गंभीरता से लेकर निस्तारण के निर्देश दिए। डीएम ने अफसरों को निर्देश देते हुए कहा कि सात दिन के भीतर समस्याओं का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इस मौके पर सीडीओ जसजीत कौर, एसडीएम विवेक श्रीवास्तव, सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी, एक्सईएन डीसी शर्मा आदि रहे।