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कोड वर्ड से हो रही थी करोड़ों की कर चोरी

Tue, 24 May 2016 10:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बुलंदशहर
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रुपया - फोटो : अमर उजाला
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वाणिज्य कर विभाग की सचल दल इकाई ने कई प्रदेशों में टैक्स चोरी में लिप्त बिट्टू-बंटी-दुर्गा गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह सरकार को सालाना करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा रहा था। कई विभागों के अफसरों की मिलीभगत से यह खेल चल रहा था। वाणिज्य कर विभाग की ओर से शासन को रिपोर्ट भेजी गई है।
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इसमें कई विभागों के अफसरों पर गाज गिर सकती है। सोमवार रात गोपनीय सूचना पर वाणिज्य कर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर विकास सेठ के नेतृत्व में टीम नगर के भूड़ चौराहे पर चेकिंग कर रही थी। इस दौरान दिल्ली की ओर से कई ट्रक आते दिखाई दिए।

चेकिंग की सूचना पर इन ट्रक चालकों ने इन्हें पीछे ढाबों पर ही रोक लिया। अफसरों ने ढाबे पर पहुंचकर ट्रकों को घेर लिया। सभी गाड़ियों में माल लदा हुआ था। जब दस्तावेज मांगे गए तो प्रपत्रों के साथ पश्चिम बंगाल का एक्नॉलेज्मेंट फार्म अटैच था।
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अमूमन वाणिज्य कर अफसर इस फार्म को देख गाड़ी छोड़ देते थे। लेकिन असिस्टेंट कमिश्नर विकास सेठ ने पुख्ता सूचना के आधार पर एक्नॉलेज्मेंट फार्म के बाद ‘वे बिल’ मांगा गया तो चालकों ने उसे भी पेश कर दिया।

इसके बाद पश्चिम बंगाल के ज्वाइंट कमिश्नर से फोन पर ‘वे बिल’  का मिलान कराया गया तो यह फर्जी निकला। इसके बाद विभागीय अफसरों ने सभी गाड़ियों को सीज कर दिया है।

बड़ा नुकसान पहुंचाता है गिरोह
बिट्टू-बंटी-दुर्गा गिरोह टैक्स चोरी के खेल का बादशाह है। यह गिरोह उत्तर प्रदेश सरकार को सालाना 20 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान पहुंचाता है। इस गिरोह के तार यूपी, दिल्ली, हरियाणा, बिहार, पंजाब, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड आदि राज्यों में फैले हुए हैं। एक अफसर ने बताया कि गिरोह की जड़ गाजियाबाद और दिल्ली में हैं।

कई विभाग के अफसर लपेटे में
बिट्टू-बंटी-दुर्गा गिरोह का राजफाश होने के बाद इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। वाणिज्य कर के एक बड़े अफसर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कई विभागों के अफसरों की मिलीभगत के कारण यह गिरोह इतना फैल गया है। शासन को भेजी गई रिपोर्ट में आरटीओ विभाग, पुलिस विभाग और वाणिज्य कर विभाग के कई अफसरों पर जांच बैठ सकती है।

क्या है बिट्टू-बंटी-दुर्गा गिरोह
आप सोच रहे होंगे कि आखिर बिट्टू-बंटी-दुर्गा गिरोह कौन है और इसका काम क्या है। आपने देखा होगा कि अक्सर ट्रकों के आगे-पीछे और बाएं-दाएं लिखा होता है कि बिट्टू मेल, बंटी दी गड्डी, दुर्गा की लाड़ली, लक्ष्मी आदि।

दरअसल यह वह कोडवर्ड हैं, जिन्हें ट्रकों पर लिखवाने के बाद कोई हाथ नहीं डालता है। इन कोडवर्ड लिखी गाड़ियों को वाणिज्य कर अफसर, पुलिस विभाग के अफसर और आरटीओ विभाग के अफसर बिना चैक किए पास कर देते हैं। इसके बदले इन्हें हर माह एकमुश्त रकम पहुंच जाती है।

बिट्टू-बंटी-दुर्गा गिरोह काफी शातिर तरीके से टैक्स चोरी का खेल कर रहा था। सटीक गोपनीय सूचना और अफसरों की सक्रियता के चलते गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। रिपोर्ट अफसरों  के माध्यम से शासन को भेजी जा रही है।
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-विकास सेठ असिस्टेंट कमिश्नर, वाणिज्य कर विभाग



 
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