बेहट के ग्राम नगला झंडा निवासी पुलिस कर्मी की गलत इंजेक्शन से हुई मौत पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उनके परिजनों को 20 लाख रुपये का मुआवजा और आश्रित कोटे से परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है।
बीते दिन विधान परिषद सदस्य उमरअली खान और आशू मलिक, फरमान कुरैशी, फरहान खान मृतक सिपाही के परिजनों को साथ लेकर मुख्यमंत्री से मिले थे।
उन्होंने अजमत की मौत का मामला मुख्यमंत्री के सामने उठाया। मुख्यमंत्री ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश देते हुए मृतक के परिजनों को 20 लाख रुपये मुआवजा और आश्रित कोटे से एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया।
बता दें कि बेहट के ग्राम नगला झंडा निवासी सिपाही अजमत बुलंदशहर में कार्यरत था। पुलिसकर्मी ने वहीं के सरकारी अस्पताल के डाक्टर से दवाई ली थी।
सिपाही के परिजनों का आरोप है कि गलत दवाईयों और इंजेक्शन लगाने से उसकी हालत बिगड गई थी, जिसके चलते उसके शरीर के हिस्से फटने शुरू हो गए थे। कई दिनों तक अस्पताल में चले उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
मुख्यमंत्री ने दिए छह लाख
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पति की मृत्यु के बाद मुखिया महिलाओं को छह लाख रुपये जारी किए हैं।
निखोब की नीलम को एक लाख, सूरजपुर तीकरी की सायरा बानो को डेढ़ लाख, गंगाकुंज निवासी आशा देवी को एक लाख, मंसूखगढ़ी निवासी रेनू को एक लाख और पुष्पा देवी निवासी ब्रजविहार खुर्जा को डेढ़ लाख रुपये जारी किए हैं। बता दें कि महिलाओं के पतियों ने हादसे में जान गवा दी थी।