मां की मौत के बाद कार्रवाई की मांग को लेकर कोतवाली पहुंची बेटियों से अभद्रता के आरोपी नगर कोतवाल आरके सिंह को शनिवार को एसएसपी ने सस्पेंड कर दिया। साथ ही इस मामले की विवेचना में लापरवाही बरतने पर एसएसआई कमलेश शुक्ला को भी सस्पेंड कर दिया गया।
उन्होंने हत्या की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद मृतका के पति को आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बता दें कि अन्नू की दोनों बेटियां अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही थीं। बड़ी बेटी लतिका ने थाने पर सुनवाई न होने पर खून से खत लिखकर मुख्यमंत्री को भेजा था।
शनिवार को लतिका और उसकी बहन ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलकर नगर कोतवाल पर अभद्रता के आरोप लगाए थे। इस पर एसएसपी ने कार्रवाई करते हुए नगर कोतवाल आरके सिंह और एसएसआई कमलेश शुक्ला को सस्पेंड कर दिया।
आईजी ने सौंपी थी हाईवे पर हैवानियत की विवेचना
29 जुलाई को हाईवे पर मां-बेटी से गैंगरेप हुआ था। मामले में तत्कालीन एसएसपी वैभव कृष्ण ने तत्कालीन इंस्पेक्टर रामसेन सिंह को सस्पेंड कर दिया था। वारदात के पांच दिन बाद आईजी मेरठ जोन सुजीत कुमार पांडेय ने प्रकरण की विवेचना नगर कोतवाल आरके सिंह को सौंपी थी।
विवेचना मिलने के बाद आरके सिंह पर गंभीर आरोप लगे थे। बताते हैं कि आरके सिंह के खिलाफ कई मामलों की जांच चल रही थीं। महिला की मौत के मामले में कार्रवाई की मांग करने गईं दो नाबालिग बच्चियों ने आरके सिंह पर अभद्रता का आरोप लगाया था। जबकि मामले की विवेचना कर रहे एसएसआई कमलेश शुक्ला पर लापरवाही का आरोप लगा है। मामले में कार्रवाई करते हुए आरके सिंह और एसएसआई कमलेश शुक्ला को सस्पेंड कर दिया है। - अनीस अहमद अंसारी, एसएसपी