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बाजार में चीन के हार्मोन वाला ऑक्सीटाॅक्सिन

Tue, 16 May 2017 12:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
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क्राइम - फोटो : अमर उजाला
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सावधान हो जाइए। बाजार में बिक रहे ऑक्सीटॉक्सिन इंजेक्शन के साथ चीनी हार्मोन आपके घरों तक पहुंच रहा है। सेहत के लिए घातक हार्मोन मिलने का खुलासा फूड एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट की स्टेट लैब की जांच रिपोर्ट में हुआ है। पशुओं और सब्जियों में प्रयोग किए जा रहे ऑक्सीटॉक्सिन से जहां छोटे बच्चे जवान हो रहे हैं, वहीं लोगों में कैंसर का खतरा बढ़ रहा है।

प्रशासन की रिपोर्ट पर अब एफडीए की सेंट्रल एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। केंद्रीय एजेंसी ने जिले के अफसरों से ऑक्सीटॉक्सिन इंजेक्शनों से जूड़े समस्त रिकार्ड और इसके बाकी रखे सैंपल की मांग की है।
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फूड एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट को मिली स्टेट लैब की रिपोर्ट ने अफसरों और केंद्रीय एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं।

गुलावठी और शिकारपुर में ऑक्सीटॉक्सिन इंजेक्शनों को शुरूआत में अफसर केवल नकली मानकर चल रहे थे। असिस्टेंट कमिश्नर ड्रग राजेश श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक मई को शिकारपुर और गुलावठी में छापामारी में वैटनरी ऑक्सीटॉक्सिन लाखों इंजेक्शन मिले थे।

यह छापामारी हापुड़ में ऑक्सीटॉक्सिन की फैक्ट्री का भंडाफोड़ होने के बाद की गई थी। इस दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। फैक्ट्री के गिरफ्तार मालिक आलोक अग्रवाल ने पूछताछ में बताया था कि हार्मोन बिहार से लाकर इंजेक्शन बनाते हैं।

ड्रग इंस्पेक्टर नरेश मोहन ने बताया कि अब इस इंजेक्शन की लैब रिपोर्ट मिल गई है। स्टेट लैब आगरा के विशेषज्ञों के अनुसार इन ऑक्सीटोक्सिन इंजेक्शनों में चीन का हार्मोन मिला है। चीन से इस हार्मोन की खरीद प्रतिबंधित है। ड्रग अफसरों ने डीएम के माध्यम से इसकी रिपोर्ट स्टेट को भेजी, जहां से सेंट्रल को सूचना दी गई।

फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट के केंद्रीय अधिकारी चाइना हार्मोन की मौजूदगी देखकर हतप्रभ हैं। अब सेंट्रल एजेंसी ने जिले से समस्त जांच रिपोर्ट, ऑक्सीटोक्सिन के रखे सैंपल और छापामारी की समस्त कार्रवाई का रिकार्ड मांगा है।
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सीएमओ डा. केएन तिवारी के अनुसार इस इंजेक्शन का प्रयोग सब्जियों और पशुओं में किया जा रहा है। लोगों के शरीर में दूध, मीट और सब्जियों के माध्यम से पहुंचकर यह हार्मोन को डिस्टर्ब कर देता है। इससे बच्चों के कई अंग अल्पायु में ही विकसित हो जाते हैं। कैंसर का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है। मानसिक विकास रुक जाता है और भूलने की प्रवृति बढ़ जाती है।
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