कास्थवाड़ा में मक्खनलाल जूनियर हाईस्कूल में हॉल की छत गिरने के हादसे में घायल बच्चों का सरकारी अस्पताल में उपचार नहीं मिल रहा है।
जिम्मेदारी से बचने के लिए मामूली घायल बच्चे भी हायर मेडिकल सेंटर रेफर कर दिए गए हैं। ऐसे में परिजन इलाज के लिए भटकने को मजबूर हैं।
हादसे के बाद बच्चों के अस्पताल पहुंचने के बाद भी चिकित्सक नहीं पहुंचे। काफी देर बाद पहुंचे चिकित्सको ने उपचार में हीलाहवाली की।
मौके पर पहुंचे एसडीएम के हड़काने के बाद चिकित्सकों ने बच्चों का उपचार शुरू किया। चिकित्सकों ने घायल वंशिका, सनी,प्रिंस, मनीष, सीमा आदि बच्चों को अस्पताल से छुट्टी दे दी।
जबकि वह पूर्ण रूप से स्वस्थ नहीं है। हादसे में शिवम पुत्र ब्रजपाल की पैर में फ्रेक्चर हो गया था। शिवम को उपचार देने के बजाय डाक्टरों ने मेरठ मेडिकल कालेज रेफर कर दिया।
ब्रजपाल ने बताया कि मेडिकल में मशीन खराब होने से वहां के डाक्टरों ने शिवम का उपचार करने से मना कर दिया। घायल बच्चे का पिता बेटे के उपचार के लिए लेकर मेरठ में भटकता रहा।
मामला संज्ञान में आने पर शिवम के उपचार की निजी अस्पताल में व्यवस्था कराई गई। उसके उपचार का पूरा खर्च प्रशासन वहन करेगा।
बी चंद्रकला,जिलाधिकारी
संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई चाहते है परिजन
स्कूल हादसे में एक बच्ची की मौत व दो दर्जन से अधिक बच्चों के घायल होने से परिजनों में स्कूल संचालक के खिलाफ रोष है। वह संचालक पर कड़ी कार्रवाई और स्कूल पर सील लगवाने की मांग कर रहे है।
सपा जिलाध्यक्ष ने पीड़ित परिवार को दी सांत्वना
सपा जिलाध्यक्ष दिनेश गुर्जर ने शनिवार को मृतका सोनिया के परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने पीड़ित परिवार को हर संभव मदत का भरोसा दिलाया।
उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री राहत कोष से पीड़ित परिवार को अर्थिक मद्द दिलवाने की सिफारिश करेंगे। रफीकुद्दीन, युसूफ पटेल, मुस्तकीम, मोहसिन, रविंद्र वाल्मीकि आदि मौजूद रहे।
तीन महीने पहले कराई गई स्कूलों थी जांच
तीन महीने पहले ही जिले में स्कूलों के भवनों की जांच कराई गई थी। नेपाल और अफगानिस्तान में भूकंप के तगड़े झटकों के बाद पीडब्ल्यूडी से कराई गई जांच में 3900 स्कूलों के भवन मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए थे।
इस संबंध में पीडब्ल्यूडी एक्सइएन अनिल गुप्ता ने बताया कि स्कूल भवनों की जांच रिपोर्ट आला अधिकारियों को सौंप दी गई है। खास बात यह कि इस रिपोर्ट के आधार पर किसी स्कूल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
बीते दिन सिकंदराबाद में स्कूल में हॉल की छत गिरने के बाद आनन-फानन डीएम ने जिले के स्कूलों के भवनों का सर्वे करने के आदेश दिए लेकिन बीते दिनों मिली पीडब्ल्यूडी की रिपोर्ट पर गौर नहीं किया।