खुर्जा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का सचिव बनकर खुर्जा नगर पालिका के चेयरमैन से 40 लाख रुपये ठगने के मामले में प्रशासनिक अधिकारियों की गर्दन भी फंस सकती है।
खास यह है कि मुख्यमंत्री का सचिव बनकर फोन करने वाले ने सबसे पहले डीएम से बात की।
इस संबंध में बिना किसी जांच के डीएम ने खुर्जा एसडीएम से बात करने के लिए कह दिया। एसडीएम के माध्यम से पालिका चेयरमैन से संपर्क कर ठग ने मीट प्लांट के स्लाटर हाऊस की फाइल पास कराने के नाम पर 40 लाख रुपये बैंक खाते में डलवा लिए।
मामले में लखनऊ संपर्क करने पर चेयरमेन को ठगी का एहसास हुआ। मामले की शिकायत के बाद आनन-फानन में एसएसपी ने एफआईआर दर्ज कराते हुए जांच शुरू कर दी थी, लेकिन मामले में प्रशासनिक अफसरों की संलिप्तता होने के कारण पुलिस एफआईआर को भी कई दिन तक छुपाए रही।
इसके अलावा जिस बैंक में तीन बार में चालीस लाख रुपये की रकम डाली गई, उस बैंक के अफसरों ने बिना जांच के आखिर कैसे खाता खोल दिया। ऐसे में बैंक के अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
ऐसे की गई चेयरमैन से ठगी
नगर पालिका चेयरमेन हाजी रफीक फड्डा की तहरीर के मुताबिक मूडाखेड़ा रोड स्थित अल्तमश फ्रोजन फूड नामक मीट प्लांट के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लखनऊ से एनओसी की पत्रावली चल रही है। इसी एनओसी को पास कराने के नाम पर सीएम का सचिव बनकर आशीष यादव ने डीएम को फोन कर रफीक फड्डा के बारे में बात की।
लेकिन डीएम ने फोन करने वाले कथित सचिव को एसडीएम खुर्जा से बात करने के लिए कहा। एसडीएम के पास कथित सचिव का मोबाइल नंबर 9568039446 से आया था। एसडीएम खुर्जा ने रफीक फड्डा को फोन करते हुए कहा कि अल्तमश फ्रोजन फूड की एनओसी के संबध में मुख्यमंत्री के सचिव आशीष यादव ने एनओसी हासिल के लिए पार्टी फंड में 40 लाख रुपये देने की बात कही।
फोन पर रफीक फड्डा के पूछने पर फोन करने वाले कथित सचिव आशीष यादव ने आगरा स्थित एसबीआई की शाखा 20321300148 नंबर के खाते में रकम डालने को कहा। रफीक फड्डा के मुताबिक 22 से 24 जून 2016 के मध्य उन्होंने इस खाते में 40 लाख रुपये की रकम तीन बार में चेक के माध्यम से डाल दी।
मुख्यमंत्री के कथित ओएसडी की कॉल मेेरे पास भी आई थी। जब उसका मोबाइल ट्रेस कराया गया था तो वह फर्जी निकला। खुर्जा चेयरमैन रफीक फड्डा ने मुझसे कथित ओएसडी के खाते में रुपये डालने की बात पूछी थी, लेकिन मैंने साफ-साफ कहा था कि मैं इसमें कुछ नहीं कह सकता हूं। आपके काम कराने के तरीके अलग हो सकते हैं। डीएम के पास उस फ्रॉड व्यक्ति की कॉल आने की मुझे कोई जानकारी नहीं है। - इंदू प्रकाश सिंह, एसडीएम खुर्जा
मेरे पास कथित आशीष यादव के नाम से कोई फोन नहीं आया है। हां, कार्यालय में कॉल जरूर आई थी। उस व्यक्ति ने एसडीएम खुर्जा का नंबर टेलीफोन ड्यूटी करने वाले से लिया था। इसकी मुझे जानकारी है। मामले में एफआईआर दर्ज करा दी गई है। मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी। - शुभ्रा सक्सेना, डीएम , बुलंदशहर